चंद्रपुर/वाशिम।
भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के पुसद स्थित पुसद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई तरह की वित्तीय गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह आदेश 7 नवंबर से प्रभावी हो गया है। आरबीआई की यह सख्ती बैंक की वित्तीय स्थिति कमजोर पाए जाने के बाद लागू की गई है।
आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब बैंक बिना लिखित अनुमति के किसी भी प्रकार का नया ऋण (लोन) वितरण नहीं कर सकेगा। इसके अलावा बैंक नए निवेश, नए खाते खोलने और नए लेन-देन पर भी रोक लगा दी गई है।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 35A और धारा 56 के तहत की गई है। इस आदेश के बाद बैंक का दैनिक कामकाज सीमित दायरे में ही चलेगा।
जमा राशि सुरक्षित
हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि जमाकर्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के नियमों के अनुसार बैंक में जमा राशि पर 5 लाख रुपए तक की सुरक्षा पहले की तरह लागू रहेगी।
खाताधारक केवल 5,000 रुपए तक निकाल सकेंगे
आरबीआई के नए नियम के तहत, फिलहाल खाताधारक अपने खाते से केवल 5,000 रुपए तक की राशि ही निकाल पाएंगे। यह सीमा बैंक की वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए तय की गई है।
इसी के चलते बैंक कर्मचारियों का वेतन, स्थायी खर्च, और अन्य आवश्यक भुगतान मामलों में भी बैंक को आरबीआई की स्वीकृति लेनी होगी।
बैंक की वित्तीय स्थिति पर सवाल
आरबीआई ने अपनी जांच में यह पाया कि बैंक की पूंजी और आय की स्थिति संतोषजनक नहीं है और बैंक अपने वित्तीय दायित्वों को सुचारू रूप से पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहा है। इसलिए बैंक पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सुधार की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
अगला कदम क्या होगा?
यदि बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार दिखाता है, तो आने वाले समय में इन प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा सकता है। वहीं स्थिति और खराब पाई गई तो आरबीआई आगे और कड़ी कार्रवाई कर सकता है।

