पूनम टॉवर (Poonam Tower) ध्वंस की शुरुआत, उच्च न्यायालय में आश्वासन

नागपुर: छिंदवाड़ा रोड स्थित प्रसिद्ध पूनम टॉवर, जो विधान भवन (Vidhan Bhawan) के सामने स्थित है और शहर की पहचान माना जाता है, अब कानूनी और प्रशासनिक विवादों के केंद्र में है।

📌 कोर्ट में N. कुमार का बयान

एन. कुमार (जो टावर से जुड़े पक्षकार बताए जा रहे हैं) ने आज बॉम्बे उच्च न्यायालय (Nagpur Bench) में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर कहा कि
➡️ वह टावर का ध्वंस (Demolition) अगले एक सप्ताह के भीतर शुरू कर देंगे,
➡️ और पूरी प्रक्रिया को लगभग *दो महीने के अंदर पूरा करेंगे।

• यह आश्वासन न्यायालय ने रिकॉर्ड पर लिया है, जबकि कोर्ट ने फिलहाल कोई अतिरिक्त आदेश नहीं दिए।

🛠️ क्या है मामला? — अवैध निर्माण और कार्रवाई

📌 टावर से जुड़े कई हिस्सों पर अवैध/अनधिकृत निर्माण का आरोप है — जिसमें बेसमेंट, पार्किंग, स्तंभों और ऊँचाई सीमा से ऊपर के हिस्से शामिल हैं।

पूर्व की रिपोर्टों के अनुसार (मनपा नोटिस और हाई कोर्ट के आदेशों के बाद):
✔️ बेसमेंट के 510.58 + 123.42㎡ हिस्से
✔️ 1,000㎡ से ऊपर अतिरिक्त सर्विस फ्लोर
✔️ पार्किंग क्षेत्र में 1,298.40㎡ का अवैध निर्माण
✔️ भवन की ऊँचाई अनुमत सीमा से लगभग 3 मीटर अधिक
✔️ 7वीं मंजिल पर भी बड़े हिस्सों का अवैध निर्माण पाया गया था।

👉 इन सभी हिस्सों को मराठी MRTP एक्ट के तहत अनाधिकृत घोषित किया गया है, और कार्रवाई का खर्च मालिकों से वसूला जाएगा।

⚖️ माइलेज: हाई कोर्ट का रुख

• हाई कोर्ट ने एन. कुमार के आश्वासन को संज्ञान में लिया है और आगे की पालन की निगरानी करेगा।
• अदालत ने अभी कोई अतिरिक्त निर्देश या टिप्पणी नहीं दी, पर स्पष्ट किया कि आगे की सुनवाई तब होगी जब ध्वंस प्रक्रिया पर प्रगति/सबूत पेश होंगे।

🔎 यह भी संभावना जताई जा रही है कि कोर्ट सुरक्षा, पर्यावरण, बेधड़क निर्माण नियमों का पालन, और भारी यातायात वाले इलाके में व्यवस्थाओं जैसे मुद्दों पर आगे निर्देश दे सकती है।

🧱 पहले हुए इंजेक्शन / कार्रवाई का संदर्भ

इससे पहले नागपुर महापालिका (NMC) ने पूनम चैंबर्स (Poonam Chambers) में स्थित अवैध बेसमेंट की दुकानों पर कार्रवाई शुरू की थी।
• वहाँ 70 से अधिक अनधिकृत दुकानों का बड़ा हिस्सा पार्किंग स्पेस में बनाया गया था, जिसका विरोध पिछले कई वर्षों से चल रहा था।
• प्रशासन ने कई बीस वर्ष पुराने नोटिस के बावजूद कार्रवाई नहीं की थी, जिस पर हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की थी।

कुछ दुकानदारों को अंतरिम स्टे (Stay) भी मिला था, लेकिन बाकी ढांचे पर कार्रवाई जारी रही।

📍 क्या आगे होने वाला है?

✔️ एक सप्ताह के अंदर ध्वंस कार्रवाई की शुरुआत
✔️ ध्वंस को लगभग दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य
✔️ कोर्ट बार-बार प्रगति रिपोर्ट और अनुपालन मांगेगी
✔️ सुरक्षा, पर्यावरण, यातायात प्रबंधन जैसे सवाल भी सामने आएंगे

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