पारशिवनी (5 Nov) तालुक़े के भागीमाहारी गाँव का तालाब अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण तेजी से पर्यटन स्थल के रूप में पहचाना जाने लगा है। छुट्टी के दिनों में यहाँ बड़ी संख्या में युवक-युवतियाँ और परिवार पिकनिक व मौज-मस्ती के लिए आते हैं। लेकिन सुरक्षा के अभाव और गहरे पानी के चलते यह तालाब अब खूबसूरत जगह नहीं, बल्कि मौत का सापळा बनता जा रहा है।
आज (5 नवंबर) दोपहर करीब 3 बजे नागपुर से आए आठ कॉलेज मित्र पिकनिक मनाने के लिए तालाब पर पहुंचे थे। इसी दौरान सेल्फी लेने के लिए पानी में उतरे 2 छात्रों के पैर फिसल गए और पानी की गहराई का अनुमान न होने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए।
डूबकर जान गंवाने वाले छात्र:
1. अविनाश आनंद, उम्र 20 वर्ष, मूल निवासी बिहार, हाल मुक़ाम – नागपुर
2. संकल्प सुनील मालवे, उम्र 19 वर्ष, निवासी चंद्रपुर
साथ में उपस्थित मित्र:
अवदेत मारोती गौरकर (17), ओजस प्रकाश कठोके (16), सम्यक अनिल उंदीरवाडे (17), ओम मनोहर चौरे (17), प्रेम कमलाकर कोरडे (20), और यथांग सागर चौरे (17)।
ये सभी सुबह लगभग 11 बजे पिकनिक के लिए यहाँ पहुँचे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तालाब में पहले भी कई लोग डूबकर जान गंवा चुके हैं, लेकिन फिर भी यहाँ सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, या गहरे पानी के संकेत तक नहीं लगाए गए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही ठाणेदार राजेश कुमार थोरात, पुलिस उपनिरीक्षक रामराव पवार, पो. हवालदार धुर्वे, पृथ्वीराज चव्हाण व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एक छात्र का शव शाम को बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे छात्र की तलाश जारी है। आपदा प्रबंधन दल भी खोज अभियान में जुटा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से माँग की है कि
• तालाब के आसपास बैरिकेटिंग की जाए
• चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ
• सप्ताहांत में पुलिस/होमगार्ड की तैनाती की जाए
ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

