नांदगांव क्षेत्र में एक बार फिर बाघ या तेंदुए के हमले से दहशत फैल गई है। बीती रात (9 दिसंबर 2025) को मोरेश्वर बागड़े के घर के पास बांधकर रखी गई बकरियों पर किसी वन्य प्राणी ने हमला किया, जिसमें एक बड़ा बकरा मारा गया। इस घटना से उस गरीब किसान को भारी नुकसान हुआ है और पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है।
इससे पहले भी येसंबा, बखारी और आसपास के गांवों में ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं। वन्य प्राणी लगातार मानव बस्तियों में घुस रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता और भय वाढला है। “वन विभाग और प्रशासन मौन क्यों है? आज पालतू जानवरों पर हमले हो रहे हैं; कल किसी मासूम बच्चे पर भी खतरा बन सकता है,” ऐसा गंभीर सवाल किसान नेता ओमप्रकाश मोहन काकडे ने उठाया।
बाघ–तेंदुए के डर से मज़दूर बड़ी संख्या में खेतों में काम करने से इनकार कर रहे हैं। इसका सीधा असर कपास तुड़ाई, धान खेती और अन्य कृषि कार्यों पर हुआ है, जिससे खेतों का अधिकांश काम ठप पड़ गया है।
घटना के बाद किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले के विरोध और उपायों को लेकर ओमप्रकाश काकडे, देवरावजी ठाकरे, मोरेश्वर बागडे, रामभाऊ ठाकरे, मिलिंद देशभरात, संतोष ठाकरे, सुनील जामदार, चक्रधर ठाकरे, गणपत बागडे, अनिल लचोरे, विकी ठाकरे, लक्ष्मीकांत काकडे, गोलू काकडे, तरुण काळे, महावीर शिरसागर, महावीर पुरे, श्याम उके, कृष्णा वडे, आशु काकडे, राहुल काकडे सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
इलाके के नागरिकों ने वन विभाग से भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने की जोरदार मांग की है।

