नागपुर।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण हासिल कर और झूठा ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ दिखाकर सरकार के राजस्व को 25 लाख रुपये का चूना लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में जीएसटी अधिकारी प्रमोद गणपत राव पिंगे की शिकायत पर सदर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपियों में ग्लोबल कंपनी के निदेशक, डाभा निवासी लड्डू खान पठान, साविल्या एंटरप्राइजेज के संचालक, रामनगर निवासी चंद्रपाल राय नांदे और एक अन्य आरोपी का समावेश है। प्रमोद पिंगे सिविल लाइंस स्थित एसजीएसटी कार्यालय में जीएसटी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
आरोप है कि 19 सितंबर से 25 नवंबर 2025 के बीच आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी बिजली बिल, व्यवसाय कर प्रमाणपत्र, बैंक खाता तथा झूठे नाम-पते का इस्तेमाल कर जीएसटी नंबर प्राप्त किया। इसके बाद जीएसटी आर-1 और जीएसटी आर-3 बी रिटर्न में फर्जी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ दर्शाया गया।
इन जाली दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने सरकार को करीब 25 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया। मामला सामने आने के बाद विभाग ने आंतरिक जांच शुरू की। आवेदन की जांच-पड़ताल में जीएसटी चोरी की पुष्टि होने पर पिंगे ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

