नागपुर, निज संवाददाता।
भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों को आगामी नागपुर महानगरपालिका (मनपा) चुनाव में चुनौती देने के लिए उदय 17 विभिन्न दल एकजुट हो गए हैं। इन पार्टियों के नेताओं ने ‘नागपुर परिवर्तन मोर्चा’ का गठन किया है। इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार पार्टी के साथ ही विविध राज्य पार्टियों का भी समावेश है।
प्रेस परिषद में आयोजित बैठक में मोर्चा नेताओं ने कहा कि नागपुर शहर इस समय बेरोजगारी, घटिया स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा के गिरते स्तर, बढ़ता भ्रष्टाचार, अव्यवस्थित विकास, झुग्गी-झोपड़ियों की समस्याएं, पानी की किल्लत, खराब सड़कें और स्वच्छता की बदहाली जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। इन सभी मुद्दों के समाधान के लिए ‘नागपुर परिवर्तन मोर्चा’ का गठन किया गया है और आगामी मनपा चुनाव में यह मोर्चा सभी 38 प्रभागों में एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा।
मोर्चा नेताओं ने यह भी कहा कि 17 दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। शिवसेना (विपक्ष) के अरुण केदार ने कहा कि विदर्भ अलग राज्य होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही विदर्भ का मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन हम केंद्र से विदर्भ की मांग करते रहेंगे।
मोर्चा में शामिल हैं ये सभी दल
राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार पार्टी, बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच, प्रहार संगठन, प्रहार बहुजन पार्टी, आम जनहित पार्टी, संयुक्त रिपब्लिकन पार्टी, केडीपी आम सभा, लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, संयुक्त रिपब्लिकन आघाड़ी, ओबीसी बहुजन आघाड़ी, फॉरवर्ड ब्लॉक, रिपब्लिकन लोकशाही पार्टी, पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अथावले), कुणबी सेना नागपुर किसान आंदोलन समिति—इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से घोषणा की कि आगामी मनपा चुनाव में वे ‘नागपुर परिवर्तन मोर्चा’ के बैनर तले एकजुट होकर मैदान में उतरेंगे।
इस अवसर पर मंच पर प्रमुख रूप से उपस्थित थे—
अशोक केदार, अहमद कटार, तात्यासाहेब मेटे, श्रीकांत घोटे, सुनील चौधरी, बालू मेस्राम, अमृत गजभिये, प्रविण राजन, मुकेश मास्कर, धनराज फुसे, रमेश गोरे, रूपेश नागेश्वर और जॉनी स्टेनली रामचंद्रे सहित अन्य पदाधिकारी।

