नागपुर।
मेयो अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर को हनी ट्रैप में फंसाकर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में तहसील पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गिरफ्तार की गई युवती की पहचान आमगांव, गोंदिया निवासी आयुषी वाल्दे (24) के रूप में हुई है। इससे पहले पुलिस ने कथित पत्रकार रविकांत कांबले, अर्जुनी निवासी अश्विन विनोद धनविजय (39), नितिन सुखदेव कांबले (38), कुणाल प्रकाश पुरी (42), बेलतरोड़ी निवासी रितेश उर्फ पप्पू मनोहर दुगंकर (41), गोंदिया निवासी आशीष मधुकर कावड़े (36) और अविनाश हेमराज साखरे (35) को गिरफ्तार किया था।
सोमवार को सभी आरोपियों की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उन्हें दोबारा न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने 6 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया। इस दौरान आरोपी रविकांत को सीने में दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत होने पर उसे इलाज के लिए मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तीन युवतियां और एक कथित पत्रकार फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश जारी है।
जांच में सामने आया है कि प्रॉपर्टी डीलर रितेश दुगंकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर डॉक्टर को हनी ट्रैप में फंसाने की साजिश रची। 5 सितंबर 2025 को युवतियों के साथ डॉक्टर का आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर डॉक्टर से करीब पौने दो लाख रुपये वसूले गए।
मामले को पूरी तरह खत्म करने के लिए आरोपियों ने डॉक्टर से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। पीड़ित डॉक्टर ने इसकी शिकायत क्राइम ब्रांच से की। इसके बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
डॉक्टर ने आरोपियों से संपर्क किया, जिस पर गिरोह ने 60 लाख रुपये में मामला निपटाने की बात कही। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

