कहीं बगावत तो नहीं करेंगे?

कुछ ने साधी चुप्पी तो कुछ ने कहा – पार्टी हित ही सर्वोपरि

नागपुर, कार्यालय प्रतिनिधि।
नागपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने टिकट वितरण से पहले इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार (इंटरव्यू) की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके बाद भाजपा नेतृत्व पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पार्टी में इस बात को लेकर चर्चा है कि यदि किसी को टिकट नहीं मिला तो कहीं बगावत तो नहीं होगी

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151 सीटें, 1652 इच्छुकों के साक्षात्कार

महानगरपालिका की कुल 151 सीटों के लिए भाजपा के अनुसार 1652 इच्छुकों के साक्षात्कार लिए गए हैं। इनमें शहर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दावेदार शामिल हुए। आंकड़ों के अनुसार, प्रति सीट औसतन 11 इच्छुकों के साक्षात्कार हुए हैं। इससे नागपुर में भाजपा के पास इच्छुकों की संख्या काफी अधिक होने की स्थिति बन गई है।

साक्षात्कार के दौरान जब इच्छुकों से पूछा गया कि यदि पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो क्या करेंगे, तो कुछ ने मौन साध लिया, जबकि कई दावेदारों ने स्पष्ट कहा कि पार्टी हित सर्वोपरि है और वे पार्टी के निर्णय का सम्मान करेंगे। हालांकि, कुछ जवाबों से पार्टी नेतृत्व को असहजता भी महसूस हुई।

भाजपा नेतृत्व को नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में मिली अप्रत्याशित सफलता के साथ-साथ कुछ जगहों पर हुई बगावत भी याद है। इसी अनुभव के चलते पार्टी इस बार महानगरपालिका चुनाव को लेकर अधिक सतर्कता बरत रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बगावत की संभावना को पहले ही रोकने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

दूसरे चरण के साक्षात्कार

पहले चरण के बाद अब दूसरे चरण के साक्षात्कार शुरू हो गए हैं। शहर के छह विधानसभा क्षेत्रों में इच्छुकों से बातचीत की जा रही है। इससे पहले विधानसभा स्तर पर भी साक्षात्कार हो चुके हैं। भाजपा कार्यालय में रोजाना सैकड़ों इच्छुक पहुंच रहे हैं, जिनमें से 19 सदस्यीय साक्षात्कार समिति उम्मीदवारों से चर्चा कर रही है।

महायुति को लेकर भी नजर

भाजपा में इच्छुकों की संख्या को देखते हुए यह सवाल भी उठ रहा है कि महायुति होगी या नहीं, इस पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में मिली सफलता के चलते कई भाजपा कार्यकर्ता महायुति के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर, शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि सभी विकल्प खुले रखे जाने चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष दयानकर तिवारी और शहर के वरिष्ठ विधायक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सक्रियता भी इस मामले में बनी हुई है। टिकट वितरण को लेकर पार्टी के प्रमुख नेताओं और विधायकों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं।

कुल मिलाकर, टिकट वितरण से पहले भाजपा में असंतोष की संभावनाओं को लेकर सतर्कता साफ दिखाई दे रही है, और पार्टी हर स्तर पर बगावत रोकने के प्रयास में जुटी हुई है।

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