नगराध्यक्ष के पास होगा निर्णायक मत देने का अधिकार

अधिनियम में सुधार के लिए अध्यादेश लाने का राज्य मंत्रिमंडल का निर्णय

मुंबई, 24 दिसंबर : नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरों से संबंधित महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत एवं औद्योगिक नगर अधिनियम, 1965 में सुधार करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने अध्यादेश लाने का निर्णय लिया है। इस अध्यादेश के तहत अब नगराध्यक्ष को निर्णायक मत (कास्टिंग वोट) देने का अधिकार प्राप्त होगा।

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नगर परिषद और नगर पंचायतों में सीधे चुने गए नगराध्यक्ष को सदस्य के रूप में भी माना जाएगा और उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाएगा। इसके चलते कोई व्यक्ति एक ही समय में नगराध्यक्ष और सदस्य दोनों पदों पर कार्य कर सकेगा। साथ ही, ऐसे व्यक्ति को दोनों पदों के लिए जनादेश प्राप्त माना जाएगा।

अब तक की व्यवस्था में यदि मतदान के दौरान मत बराबर हो जाते थे, तो निर्णय में अड़चन आती थी। लेकिन प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि मत बराबर होते हैं तो नगराध्यक्ष को एक अतिरिक्त निर्णायक मत देने का अधिकार होगा, जिससे निर्णय लिया जा सकेगा।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस सुधार से नगर निकायों के कामकाज में स्पष्टता आएगी और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

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