नागपुर | सावनेर प्रतिनिधि
सावनेर पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत सावंगी रोड पर हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में पहले बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मां ने रविवार तड़के नागपुर के मेडिकल अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दुख की इस घड़ी में गांव की बदहाल बुनियादी सुविधाओं ने परिजनों की पीड़ा को और बढ़ा दिया।
दुरावस्था : सावंगी में श्मशान घाट नहीं, खुले में हुआ अंतिम संस्कार
बेटे के बाद मां ने भी तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को सावंगी रोड पर एक आयशर (Eicher) वाहन ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल क्रमांक MH 40/BT 8977 को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में मोटरसाइकिल चला रहे सावंगी निवासी धीरज शालिकराम चाफेकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी उनकी मां देवकाबाई चाफेकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घायल देवकाबाई को तत्काल नागपुर के शासकीय मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान रविवार तड़के उन्होंने भी अंतिम सांस ली। मां-बेटे की एक साथ मौत से सावंगी गांव में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आधा-अधूरा चबूतरा भी बदहाल
दुर्घटना के बाद अंतिम संस्कार के समय गांव की बदहाली खुलकर सामने आई। सावंगी गांव में आज तक उचित श्मशान घाट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अंतिम संस्कार के लिए बनाया गया चबूतरा भी पूरी तरह जर्जर अवस्था में है, जहां शव जलाना संभव नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट और वहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क की मांग कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन हर बार अनदेखी ही हुई। श्मशान तक जाने के लिए ग्रामीणों को नाला पार करना पड़ता है, जिससे विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुले में करना पड़ा अंतिम संस्कार
श्मशान घाट और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को मां-बेटे का अंतिम संस्कार खुले स्थान पर करना पड़ा। इस हृदयविदारक दृश्य ने न केवल परिजनों बल्कि मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या की ओर तत्काल ध्यान दिया जाए और सावंगी गांव में शीघ्र ही श्मशान घाट तथा वहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।

