माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज
नागपुर, नागपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां माता-पिता द्वारा अपने 12 वर्षीय बेटे को हाथ-पैर में लोहे की जंजीर और ताला लगाकर घर के बाहर बांध दिया गया। बच्चे के साथ इस अमानवीय व्यवहार की जानकारी मिलते ही जिला बाल संरक्षण कक्ष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित मुक्त कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माता-पिता का आरोप था कि बच्चा गलत व्यवहार करता है, इसी कारण उन्होंने उसे सजा देने के उद्देश्य से जंजीर और ताले से बांध दिया। यह घटना बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानी जा रही है। प्रारंभिक जांच में बच्चे के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की आशंका जताई गई है।
जब बाल संरक्षण कक्ष की टीम मौके पर पहुंची, तो बच्चा डरी-सहमी अवस्था में पाया गया। हाथ-पैर में जंजीर और ताला लगे होने के कारण उसके शरीर पर चोट के निशान भी मिले। बच्चे को तुरंत वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना प्राप्त होते ही जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे की अध्यक्षता में बाल संरक्षण टीम का गठन किया गया। टीम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान, संरक्षण अधिकारी साधना हटवार, कानून एवं परिवीक्षा अधिकारी सुजाता गुल्हाने तथा चाइल्ड लाइन प्रतिनिधि शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को मुक्त कराया।
बच्चे की वैद्यकीय जांच कराई गई और बाद में उसे बालगृह में दाखिल किया गया। आगे की कार्रवाई के लिए मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इस प्रकरण में अजनी पुलिस थाने में माता-पिता के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम, 2015 एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही बच्चे की काउंसलिंग (समुपदेशन) की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
नागरिकों से अपील
जिला बाल संरक्षण कक्ष ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों के साथ हिंसा, शोषण, उपेक्षा या अमानवीय व्यवहार दिखाई दे, तो तुरंत 1098, बाल संरक्षण तंत्र या पुलिस प्रशासन को सूचना दें। बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

