सरकारी वाहनों का उपयोग आमतौर पर जनसेवा और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है। लेकिन नागपुर के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक उपअभियंता पर सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल दूध ढोने के लिए करने का आरोप लगा है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दावा किया गया है कि सरकारी वाहन में फाइलों की जगह दूध के कैन ले जाए जा रहे थे, जिसके बाद पूरे मामले की चर्चा शुरू हो गई।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, PWD डिवीजन-1 के सब-डिवीजन-3 में कार्यरत उपअभियंता अविनाश गुल्हाने पर आरोप लगा है कि उन्होंने सरकारी वाहन का इस्तेमाल दूध के कैन ले जाने के लिए किया।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में खलबली मच गई और मामले की जांच की मांग उठने लगी।
वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सरकारी गाड़ी में फाइलों के बजाय दूध के कैन दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो के वायरल होते ही PWD विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे और अधिकारियों को इस मामले में जवाब देना पड़ा।
अधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण
मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यकारी अभियंता लक्ष्मीकांत राऊळकर ने उपअभियंता अविनाश गुल्हाने को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी वाहन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच की जा रही है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
उपअभियंता ने दी सफाई
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अविनाश गुल्हाने ने कहा कि पिछले महीने कार्यालय में एक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
उनके मुताबिक, उसी कार्यक्रम के लिए सरकारी वाहन से दूध और अन्य सामग्री लाई गई थी, इसलिए इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
जांच के बाद ही होगा खुलासा
फिलहाल विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सरकारी वाहन का वास्तव में दुरुपयोग हुआ या कार्यक्रम के लिए सामग्री लाना ही इसका कारण था।

