नागपुर, दि. 23 | सुनिल सरोदे, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्यभर में संचालित ‘मेरी वसुंधरा अभियान 5.0’ में नागपुर संभाग ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। संभाग की सात ग्राम पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में कुल 10 राज्यस्तरीय पुरस्कार घोषित किए गए हैं, वहीं सात ग्राम पंचायतों को संभागीय स्तर पर भी सम्मानित किया गया है। संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी के मार्गदर्शन में यह सफलता हासिल हुई है। महसूली संभागों में नागपुर ने पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जबकि जिला परिषद के सर्वश्रेष्ठ मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रेणी में चंद्रपुर जिले ने तीसरा स्थान हासिल कर संभाग की उपलब्धि में चार चांद लगाए हैं।
पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि और आकाश जैसे पंचमहाभूतों पर आधारित यह अभियान 2 अक्टूबर 2020 से राज्य की स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में लागू है। अभियान के 5.0 चरण के अंतर्गत 1 जून 2024 से 31 मार्च 2025 तक राज्य की 422 शहरी स्थानीय संस्थाओं और 27,895 ग्राम पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विविध उपक्रम संचालित किए गए। डेस्कटॉप और फील्ड मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से किया गया तथा 17 फरवरी 2026 को शासन निर्णय के अनुसार परिणाम घोषित किए गए।
राज्यस्तरीय पुरस्कारों में नागपुर जिले के कामठी तहसील की कवठा ग्राम पंचायत ने ‘उंच उड़ी’ समूह में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हिंगणा तहसील की नेरी (मानकर) ग्राम पंचायत को सामान्य समूह में तृतीय पुरस्कार मिला। चंद्रपुर जिले की दुर्गापुर ग्राम पंचायत को ‘उंच उड़ी’ श्रेणी में प्रथम स्थान मिला। सावली तहसील की जिबगांव ग्राम पंचायत ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि चिखली ग्राम पंचायत को सामान्य तथा भूमि श्रेणी में पुरस्कार मिला। गोंदिया जिले के सडक अर्जुनी तहसील की डव्वा ग्राम पंचायत ने सामान्य समूह में द्वितीय तथा भूमि समूह में भी पुरस्कार हासिल किया। आमगांव तहसील की भज्जीयापार ग्राम पंचायत को सामान्य समूह में द्वितीय और भूमि समूह में सम्मान मिला।
संभागीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों में दुर्गापुर (ता. चंद्रपुर), बेला (ता. भंडारा), भेजगांव (ता. मूल), नानव्हा (ता. सालेकसा), सिरेगांव (ता. अर्जुनी मोरगांव), चांपा (ता. उमरेड) और मिर्झापुर (ता. आर्वी) शामिल हैं। जिला परिषद श्रेणी में गोंदिया और भंडारा जिला परिषद को संभागीय पुरस्कार घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त सावली, कोरपना, भद्रावती, भंडारा, राजुरा, देसाईगंज, सालेकसा, हिंगणा और आर्वी के गट विकास अधिकारियों को भी विभागीय एवं जिला स्तर पर सम्मानित किया गया है।
इन पुरस्कारों की राशि 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक निर्धारित है। 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों पुरस्कार वितरण संपन्न हुआ। इस अवसर पर संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी सहित विकास शाखा की अपर आयुक्त वर्षा गौरकर, तत्कालीन अपर आयुक्त कमलकिशोर फुटाणे और विभागीय नियंत्रण अधिकारी संकेत तालेवार ने चयनित ग्राम पंचायतों एवं जिला परिषदों को बधाई दी।
जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और हरित पहल के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण नागपुर संभाग ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राज्य स्तर पर नई पहचान बनाई है। ‘मेरी वसुंधरा अभियान’ अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास की जनआंदोलन के रूप में स्थापित हो रहा है।

