नागपुर: महाराष्ट्र में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। राज्य में नगर निगम चुनावों की घोषणा किसी भी समय हो सकती है। मुंबई, पुणे, नागपुर सहित प्रमुख शहरों में सभी राजनीतिक दल अंतिम चरण की तैयारियों में जुट गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्य के सभी 29 नगर निगमों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अगले दो दिनों के भीतर की जा सकती है। इसके चलते पंद्रह दिसंबर के बाद कभी भी आदर्श आचार संहिता लागू होने की प्रबल संभावना है। निर्वाचन आयोग की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं और महत्वपूर्ण निर्णयों पर अंतिम मंज़ूरी जल्द मिलने की बात कही जा रही है।
इस बात की भी मज़बूत संभावना है कि राज्य के सभी 29 नगर निगमों के चुनाव एक ही चरण में कराए जाएँ। यदि ऐसा होता है, तो पूरे महाराष्ट्र में एक साथ बड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा, जिससे सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दल अपने प्रचार अभियान को और तेज़ करेंगे।
पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि पचास प्रतिशत से अधिक आरक्षण सीमा पार होने के कारण नागपुर और चंद्रपुर नगर निगमों के चुनाव टाले जा सकते हैं। लेकिन अब मिल रही नई जानकारियों के अनुसार, इन दोनों नगर निगमों सहित राज्य के सभी नगर निगमों के चुनाव एक साथ कराए जाने की संभावना है। इस संबंध में निर्वाचन आयोग द्वारा समग्र निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
वहीं, नगर निगमों के लिए मतदान बारह जनवरी के बाद कराए जाने की संभावना है और परिणाम अगले ही दिन घोषित किए जा सकते हैं। अदालत के निर्देशों, कानूनी औपचारिकताओं और सीमित समय को देखते हुए निर्वाचन आयोग एक सख्त और समन्वित चुनाव कार्यक्रम पर काम कर रहा है।
इकतीस जनवरी, दो हजार छब्बीस की अदालत द्वारा तय समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग के पास केवल लगभग पचास से बावन दिन का समय उपलब्ध है। ऐसे में नगर निगमों के साथ-साथ जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव कार्यक्रम भी तेजी से घोषित किए जाने की संभावना है। आने वाले हफ्तों में पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने के संकेत हैं।

