नाशिक: महाराष्ट्र सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से बड़ा झटका लगा है। ट्रिब्यूनल ने नाशिक के तपोवन क्षेत्र में प्रस्तावित पेड़ कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। NGT ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी कानूनी और पर्यावरणीय प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक एक भी पेड़ नहीं काटा जा सकता।
सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने कहा कि तपोवन जैसे संवेदनशील और हरित क्षेत्र में वृक्षों की कटाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है। पेड़ों की कटाई का असर जैव विविधता, जल स्रोतों और स्थानीय पर्यावरण पर पड़ने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इस मामले में NGT ने संबंधित विभागों को विस्तृत जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई तक पेड़ कटाई पर रोक लागू रहेगी। ट्रिब्यूनल ने यह भी संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी पाए जाने पर आगे और कड़े आदेश जारी किए जा सकते हैं।
NGT के इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। वहीं, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया है।

