पिछले चुनावों से सबक लेकर प्रशासन की तैयारी
नागपुर, 2 जनवरी 2026:
15 जनवरी को होने वाले नागपुर महानगरपालिका चुनाव को लेकर प्रशासन के सामने इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। मतदान की तारीख के चलते एक दिन की छुट्टी के साथ लंबा वीकेंड बन रहा है, जिससे अधिकारियों को आशंका है कि बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने के बजाय शहर से बाहर जा सकते हैं।
मनपा चुनाव 15 जनवरी, गुरुवार को होंगे। इससे एक दिन पहले 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व है, जबकि मतदान के अगले दिन 16 जनवरी, शुक्रवार को लोग छुट्टी लेकर यात्रा की योजना बना सकते हैं। ऐसे में चुनाव अधिकारियों को चिंता है कि मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचने के बजाय घूमने-फिरने को प्राथमिकता दे सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि सड़क, परिवहन और मतदान केंद्रों की बेहतर व्यवस्था के बावजूद स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहता है। इस स्थिति से निपटने के लिए पिछले चुनावों के अनुभवों का अध्ययन किया गया है। लोकसभा चुनाव 2024, जो शुक्रवार को हुए थे, उसमें शहर में केवल 54.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। वहीं विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान मतदान की तारीख बुधवार रखे जाने से मतदान प्रतिशत बढ़कर 56.35 प्रतिशत रहा। पूरे नागपुर जिले में विधानसभा चुनाव में 60.49 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था
इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर दिया है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप अभियान के तहत व्यापक जागरूकता योजना तैयार की गई है, जिसके माध्यम से मतदाताओं को मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए प्रचार सामग्री, घोषणाओं और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान के लिए प्रेरित हों।
प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे छुट्टियों की योजना बनाने से पहले अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

