नागपुर–जबलपुर नेशनल हाईवे क्रमांक 44 पर एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही के कारण वन्यजीव दुर्घटना का शिकार हो गया। रामटेक–खापरखेड़ा क्षेत्र में सड़क पार कर रहे एक तेंदुए को अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात हाईवे पर अचानक तेंदुआ सड़क पर आ गया। उसी दौरान तेज गति से गुजर रहे वाहन ने उसे टक्कर मार दी और वाहन चालक मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तेंदुआ सड़क किनारे लहूलुहान अवस्था में गिर पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचित किया। सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम, पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घायल तेंदुए को सुरक्षित रूप से कब्जे में लेकर प्राथमिक उपचार दिया और बाद में उसे नागपुर स्थित वन्यजीव बचाव एवं पुनर्वास केंद्र भेजा गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुए को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ आसपास के वन क्षेत्र से भटककर हाईवे की ओर आ गया था।
इस घटना के बाद एक बार फिर नेशनल हाईवे पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मार्ग से भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं और यह इलाका वन्यजीव गलियारे के अंतर्गत आता है, जहां तेंदुआ, हिरण, नीलगाय सहित कई वन्यजीवों की आवाजाही रहती है।वन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे पर विशेष रूप से वन क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्सों में निर्धारित गति सीमा का पालन करें, रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और वन्यजीव चेतावनी संकेतों पर ध्यान दें। विभाग ने यह भी कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग द्वारा हाईवे पर स्पीड कंट्रोल, संकेतक बोर्ड और वन्यजीव अंडरपास/क्रॉसिंग की आवश्यकता पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

