ड्यूटी पर गई महिला सब-इंस्पेक्टर से मारपीट, दो सगे भाइयों पर मामला दर्ज सक्करदरा क्षेत्र में सनसनी; विनयभंग और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप नागपुर के सक्करदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवारी क्वार्टर परिसर में ड्यूटी पर गई एक महिला सब-इंस्पेक्टर के साथ मारपीट और बदसलूकी की गंभीर घटना सामने आई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई है। पुलिस ने मामले में दो सगे भाइयों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
🔎 क्या है पूरा मामला?
- आरोपी इरफान शेख और इरशाद शेख, निवासी सोमवारी क्वार्टर, सक्करदरा बाजार रोड पर ताज गैस शॉप चलाते हैं।
- इरफान की पत्नी ने पति समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी।
- इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी संबंधित महिला सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई थी।
- बार-बार नोटिस और पूछताछ के निर्देश के बावजूद आरोपी थाने में पेश नहीं हुए।
⚠️ नोटिस देने गई अधिकारी से अभद्रता
सोमवार को महिला अधिकारी इरफान की दुकान पर नोटिस तामिल करने पहुंचीं।
- नोटिस की जानकारी देते ही इरफान भड़क उठा और गाली-गलौज करने लगा।
- अधिकारी के समझाने पर वह उन्हें अपने घर ले गया।
- घर पर मौजूद महिलाओं को अधिकारी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दे रही थीं, तभी इरशाद वहां आ पहुंचा।
बताया जाता है कि इरशाद ने अचानक बाहर आकर चिल्लाते हुए गालियां दीं और महिला अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। इतना ही नहीं, उसने आपत्तिजनक तरीके से धक्का देकर मौके से फरार हो गया। इसी दौरान इरफान ने भी अधिकारी को धक्का देकर भागने की कोशिश की।
🚨 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों के खिलाफ:
- विनयभंग
- सरकारी कर्मचारी से मारपीट
- सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना
जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
👮 पुलिस की कार्रवाई तेज
आला अधिकारियों ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। फिलहाल दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी सघन तलाश कर रही है।
📌 महत्वपूर्ण बिंदु एक नजर में:
- ड्यूटी पर गई महिला अधिकारी से मारपीट
- दहेज प्रताड़ना मामले की जांच के दौरान हुआ विवाद
- दो सगे भाइयों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
- पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश जारी
यह घटना न केवल पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

