नई दिल्ली:
देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुकाम हासिल करते हुए एयर इंडिया को पीछे छोड़ दिया है। जुलाई से सितंबर 2025 की अवधि में इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या के मामले में एयर इंडिया से आगे निकलते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एयर इंडिया को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
नवभारत न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई–सितंबर 2025 के दौरान इंडिगो ने अपने नेटवर्क के जरिए 41.36 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सफर कराया। इस दौरान इंडिगो ग्रुप का हिस्सा बन चुकी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी बड़ी संख्या में यात्रियों को सेवाएं दीं। दोनों एयरलाइनों के संयुक्त आंकड़े एयर इंडिया ग्रुप से अधिक रहे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एयर इंडिया का एक विमान 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया को अपनी लंबी दूरी की उड़ानों में लगभग 15 प्रतिशत तक कटौती करनी पड़ी। इसका सीधा असर एयर इंडिया के यात्री आंकड़ों पर पड़ा।
हादसे के बाद एयर इंडिया के प्रति यात्रियों के भरोसे में भी कमी देखी गई। जुलाई–सितंबर की तिमाही में एयर इंडिया ग्रुप की हिस्सेदारी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में घट गई, जबकि इसी अवधि में इंडिगो ने आक्रामक विस्तार और बेहतर संचालन के दम पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की हजारों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भले ही इस दौरान रद्द करना पड़ा हो, लेकिन इसका उसके अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। आंकड़ों के अनुसार, 1 सितंबर से 9 दिसंबर के बीच इंडिगो ने अपनी कुल 2,702 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से केवल 2.4 प्रतिशत उड़ानें ही रद्द कीं, जबकि इसी अवधि में एयर इंडिया की लगभग एक चौथाई घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
नतीजतन, इंडिगो अंतरराष्ट्रीय यात्री ट्रैफिक के मामले में एयर इंडिया से आगे निकल गई। खास बात यह है कि अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज के बंद होने के बाद इंडिगो देश की सबसे बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइन बनकर उभरी थी। जनवरी–मार्च 2019 की अवधि में एयर इंडिया पहले और जेट एयरवेज दूसरे स्थान पर थी, जबकि इंडिगो तीसरे स्थान पर रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो की मजबूत संचालन क्षमता, कम उड़ान रद्दीकरण और समय पर सेवाओं ने उसे यात्रियों की पहली पसंद बनाए रखा है। वहीं, एयर इंडिया को दोबारा यात्रियों का भरोसा जीतने के लिए सुरक्षा, सेवा और नेटवर्क स्थिरता पर विशेष ध्यान देना होगा।

