नागपुर | नागपुर में शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक कृष्णा खोपड़े द्वारा लगाए गए आरोपों पर IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया है। एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में तुकाराम मुंडे ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है और बार-बार उन्हें परेशान किया जा रहा है।
तुकाराम मुंडे ने कहा,
“मैं जब नागपुर में काम कर रहा था, तब कुछ लोगों की मनमानी पर रोक लगी। शायद इसी वजह से मेरे खिलाफ बार-बार कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। जाँच में निर्दोष पाए जाने के बावजूद बार-बार वही आरोप दोहराए जाते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को इस तरह से लगातार निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुंडे के अनुसार, कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते उनके खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या हैं विधायक कृष्णा खोपड़े के आरोप?
विधायक कृष्णा खोपड़े ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 में नागपुर महानगरपालिका में अधिकारी रहते हुए तुकाराम मुंडे ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर स्मार्ट सिटी परियोजना में हस्तक्षेप किया और अयोग्य ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया। साथ ही लगभग 20 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया गया।
हालांकि, सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि तुकाराम मुंडे को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर क्लीन चिट दी गई है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन और राजनीति के बीच टकराव की चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे इस मामले में कोई नई कार्रवाई होती है या नहीं।

