मध्य प्रदेश के इंदौर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक इलेक्ट्रिक कार (EV) की चार्जिंग के दौरान हुए धमाके ने पूरे घर को आग की लपटों में घेर लिया। इस हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि यह हादसा तड़के सुबह 3:30 से 4 बजे के बीच हुआ, जब घर के बाहर खड़ी EV कार चार्ज हो रही थी और अचानक चार्जिंग प्वाइंट पर ब्लास्ट हो गया।
हादसे की शुरुआत कैसे हुई
घर के बाहर खड़ी EV कार की चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
गैस सिलेंडर बने आग का बड़ा कारण
घर के अंदर रखे कई LPG गैस सिलेंडर आग की चपेट में आ गए, जिससे एक के बाद एक धमाके हुए और आग और भी भयानक हो गई।
डिजिटल लॉक बना मौत का जाल
मकान में लगे इलेक्ट्रॉनिक (डिजिटल) लॉक के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके, जिससे यह हादसा और भी घातक साबित हुआ।
एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत
इस दर्दनाक घटना में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत 8 लोगों की जान चली गई, जबकि कुछ लोगों को बचा लिया गया।
बचाव कार्य में आई मुश्किलें
आग इतनी तेजी से फैली कि फायर ब्रिगेड और पुलिस को राहत कार्य में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। शॉर्ट सर्किट और लगातार हो रहे धमाकों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
यह हादसा EV चार्जिंग से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था, घर में गैस सिलेंडरों के स्टोरेज और इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों की जरूरत है।
निष्कर्ष:
इंदौर की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है कि नई तकनीकों का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

