आक्रोश : समय पर वेतन और सुविधाएं देने की मांग
हिंगना, संवाददाता।
हिंगना नगर पंचायत में ठेका पद्धति पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया है। नगर पंचायत में ठेका एजेंसी के माध्यम से कार्यरत लगभग 36 सफाई कर्मचारी लंबे समय से वेतन और वैधानिक सुविधाओं से वंचित होने का आरोप लगाते हुए आंदोलन पर उतर आए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि ठेका एजेंसी द्वारा न तो समय पर वेतन का भुगतान किया जा रहा है और न ही शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कर्मचारियों को भविष्य निधि (पीएफ), श्रमिक बीमा जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। वेतन की मांग करने पर कई बार कर्मचारियों को काम से निकालने की धमकी भी दी जाती है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें अस्थायी नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं, कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) की कटौती की मासिक रसीद दी जाए, तथा वाहन चालकों और सफाई कर्मचारियों को तुरंत गणवेश, गमबूट, एप्रन और सफाई कार्य के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
कर्मचारियों ने बताया कि हिंगना नगर पंचायत में वर्ष 2015 से ठेका सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। नगर पंचायत द्वारा जिन ठेका एजेंसियों को सफाई कार्य सौंपा गया है, वे कर्मचारियों से पूरा काम तो ले रही हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं दे रही हैं। कुशल, अर्धकुशल और अकुशल कर्मचारियों को भी नियमानुसार पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
इस आंदोलन के माध्यम से सफाई कर्मचारी उमेश बागड़े, गोवर्धन ननारे, राहुल थोते, विक्रम शेंडुकर, आकाश गावंडे, लखन झिले, किशोर बंगले, नामदेव पाटिल, शौकत शेख और दिवाकर शेलके सहित अन्य कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी धनंजय सरनाईक से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेका एजेंसी और नगर पंचायत प्रशासन की होगी।

