नागपुर – राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि अब कोई भी गरीब परिवार झोपड़ी में रहने को मजबूर नहीं रहेगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि जो भी गरीब परिवार झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं और जिनके पास 1996 से पहले से रहने का प्रमाण है, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार मार्च महीने से पहले मालिकाना हक के पट्टे दिए जाएंगे।
मंत्री बावनकुले ने यह भी स्पष्ट किया कि इन पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, रामाई आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत स्थायी घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए जिले में लगभग 30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा निर्णय
यह घोषणा नागपुर में आयोजित राजस्व विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान की गई। बैठक में राज्य मंत्री आशिष जयस्वाल, विधायक राजू पारवे, संजय शेंडे, विभागीय आयुक्त विजयसिंग्ह राठौर, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मंत्री बावनकुले ने कहा कि जिन गरीबों ने वर्षों से अपने परिवार के साथ अस्थायी झोपड़ियों में जीवन बिताया है, उन्हें अब सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
किसानों और आम जनता के लिए राहत
मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही, धान उत्पादन क्षेत्रों में जहां सूखाग्रस्त स्थिति बनी है, वहां विशेष राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोई भी किसान या ग्राम पंचायत प्राकृतिक आपदा या सूखा से प्रभावित क्षेत्र में राहत से वंचित नहीं रहेगा।
रेत नीति पर सख्ती और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
राजस्व मंत्री ने कहा कि घर निर्माण के लिए रेत आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिए नई रेत नीति लागू की जाएगी। इससे आम लोगों को घर बनाने में आसानी होगी और अवैध रेत कारोबार पर भी रोक लगेगी।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से मंत्री ने बताया कि महिला समूहों को 8,000 हेक्टेयर भूमि देने का निर्णय लिया गया है। इससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त होंगे।
प्रशासनिक दक्षता की सराहना
राजस्व विभाग में वर्षों से लंबित पट्टानियमन (land regularisation) मामलों को तेज गति से निपटाने के लिए मंत्री ने जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कुशलता से हजारों लंबित प्रकरणों का निपटारा हुआ है, जो सराहनीय है।
रेत घाटों पर नियंत्रण और निर्माण कार्य में पारदर्शिता
मंत्री ने कहा कि जिले में कुल 1,100 रेत घाट हैं जिनमें 70 प्रतिशत भाग निर्माण कार्यों के लिए सुरक्षित रखा गया है। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में रेत की कमी पाई जाती है, तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, ताकि आम लोगों को घर बनाने में कोई कठिनाई न हो।
निष्कर्ष
राजस्व मंत्री बावनकुले की इस घोषणा से जिले के हजारों गरीब परिवारों में खुशी की लहर है। उनका कहना है कि “अब कोई भी गरीब परिवार बेघर नहीं रहेगा — हर जरूरतमंद को अपना घर मिलेगा।”

