जीन और DNA हमारे शरीर की बुनियादी पहचान तय करते हैं। हमारी ऊँचाई, त्वचा का रंग, आँखों का रंग, बालों की बनावट, शरीर की क्षमता—सब कुछ DNA में लिखा होता है। DNA एक लंबा, सर्पिल आकार का अणु होता है जिसमें जीवन की पूरी जानकारी स्टोर होती है।
DNA के छोटे-छोटे हिस्सों को Genes कहा जाता है। एक मनुष्य में लगभग 20,000–25,000 जीन होते हैं। यही जीन प्रोटीन बनाते हैं, जो शरीर की हर क्रिया को संचालित करते हैं—दिल की धड़कन से लेकर दिमाग की सोच तक।
जीन हमें माता-पिता से मिलते हैं। इसलिए बच्चों के चेहरे, आदतें, स्वभाव और कई शारीरिक गुण माता-पिता से मेल खाते हैं। हर जीन का एक निश्चित काम होता है—जैसे आँखों का नीला या काला रंग तय करना।
आज जनरेटिक विज्ञान (Genetics) तेजी से विकसित हो रहा है। वैज्ञानिक बीमारियों को जीन स्तर पर समझ रहे हैं। कुछ जीन कैंसर, डायबिटीज, थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से जुड़े होते हैं। Genetic Testing से इन बीमारियों का पता पहले ही लगाया जा सकता है।
CRISPR जैसी तकनीक जीन एडिटिंग को आसान बना रही है। इससे भविष्य में असाध्य रोगों का इलाज संभव हो सकता है। जीन थेरेपी और DNA रिसर्च मानव स्वास्थ्य के लिए नई उम्मीदें ला रही हैं।

