महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गडचिरोली जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। जिले के नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार चल रहे विशेष अभियान के दौरान महाराष्ट्र पुलिस की विशेष इकाई C-60 कमांडो दस्ते ने माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए अब तक 7 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इस दौरान 5 आधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों के हाथ लगे हैं, जिससे नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका माना जा रहा है।
गडचिरोली | महाराष्ट्र
इस अभियान की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साझा की। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में C-60 कमांडो पथक के बहादुर जवान दीपक चिट्टे मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर की मदद से घटनास्थल से बाहर निकालकर भामरागढ़ उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, डॉक्टरों द्वारा किए गए अथक प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने जवान के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि दीपक मडावी का सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा और नक्सलवाद के खात्मे के लिए दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए यह संघर्ष पूरी मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगा और शहीद जवान की कुर्बानी कभी व्यर्थ नहीं जाने दी जाएगी।
राज्य सरकार ने शहीद जवान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ₹2.25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही शहीद के परिवार के एक पात्र सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि परिवार को भविष्य में किसी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस, विशेष रूप से C-60 कमांडो, नक्सल विरोधी अभियान में अद्वितीय साहस, रणनीतिक कुशलता और समर्पण का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शहीद जवान के परिवार के दुख में पूरी तरह सहभागी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफल अभियान से नक्सलियों की गतिविधियों पर बड़ा अंकुश लगेगा और गडचिरोली सहित आसपास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ जारी संघर्ष में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।

