नागपुर:
नागपुर जिले के हिंगना MIDC क्षेत्र में नकली पाठ्यपुस्तकों की छपाई का बड़ा मामला सामने आया है। महाराष्ट्र पाठ्यपुस्तक निर्माण व संशोधन मंडल (बालभारती) की कक्षा 10वीं और 12वीं की पुस्तकों की अवैध छपाई किए जाने की गोपनीय सूचना के आधार पर एमआईडीसी पुलिस और बालभारती विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा।
यह कार्रवाई हिंगना MIDC स्थित ‘प्रतिमा प्रिंटिंग प्रेस (प्लॉट नंबर-58)’ में की गई। छापेमारी के दौरान गणित और अंग्रेजी विषय की हजारों नकली पाठ्यपुस्तकें बरामद की गईं, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
इस मामले में प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राजेश जाधव को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रेस में बालभारती के नाम और कवर का दुरुपयोग कर किताबों की अवैध छपाई की जा रही थी। छापेमारी से पहले फैक्ट्री के कुछ कर्मचारी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
अधिकारियों को आशंका है कि ये नकली किताबें खुले बाजार में बेचने के लिए तैयार की जा रही थीं। जांच में सामने आया है कि जब्त की गई पुस्तकों पर बालभारती की ओर से दिया गया अधिकृत कॉपीराइट चिन्ह नहीं पाया गया, जबकि असली पुस्तकों में यह स्पष्ट रूप से अंकित होता है।
आरोपी राजेश जाधव ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि उसे केवल छपाई का ऑर्डर मिला था और वह ऑर्डर के अनुसार काम कर रहा था। हालांकि पुलिस यह जांच कर रही है कि यह ऑर्डर किसने दिया और नकली पाठ्यपुस्तकों की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी।
छापेमारी के बाद बालभारती के अधिकारियों की शिकायत पर एमआईडीसी पुलिस ने कॉपीराइट कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कार्रवाई के बाद प्रिंटिंग प्रेस को सील कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
बालभारती अधिकारियों ने कहा कि हर साल पाठ्यपुस्तकों की छपाई केवल अधिकृत एजेंसियों द्वारा की जाती है। इसके बावजूद इस तरह की अवैध छपाई शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

