भाजपा फिर नं.1, जनता का आभार

फडणवीस हुए गद्गद

नागपुर, निज संवाददाता। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नतीजे आने पर कहा कि राज्य की जनता ने एक बार फिर महायुति पर विश्वास जताया है। यह विकास कार्यों की जीत है। जनता ने जो भरोसा जताया है उस पर खरा उतरेंगे। भाजपा राज्य में नंबर वन पार्टी है। यह एक बार फिर साबित हो गया है। विकास कार्यों की गति और तेज करते हुए शहरों का चेहरा-मोहरा बदलेंगे। वे नागपुर में प्रेस परिषद में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने प्रचार के दौरान केवल अपने कार्यों और विकास की बात की। किसी पर टीका-टिप्पणी नहीं की। उन्होंने डीपीएम एकनाथ शिंदे, अजित पवार का भी अभिनंदन किया। जीत का श्रेय जनता के साथ ही उन्होंने टीम भाजपा को दिया। उन्होंने कहा कि जो अनुमान लगाया था वह सही हुआ। महायुति के कुल 75 फीसदी नगराध्यक्ष विजयी हुए हैं।

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महायुति को भरपूर समर्थन

सीएम ने कहा कि जनता ने महायुति को भरपूर समर्थन दिया। राज्य में भाजपा के 129 नगराध्यक्ष और लगभग 3300 नगरसेवक चुनकर आए हैं। सहयोगी पार्टियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। विधानसभा चुनाव जैसी विजय मिली है। प्रत्याशियों, संगठन के अध्यक्षों, जिला अध्यक्ष, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने समन्वय रखते हुए परिश्रम किया। राज्य के 30-35 वर्षों के इतिहास में ऐसी जीत नहीं मिली थी जो आज महायुति को मिली है। हमने चुनाव में पूर्ण सकारात्मक प्रचार किया और किसी भी सभा में किसी व्यक्ति, पार्टी या नेता के खिलाफ नहीं बोला, केवल विकास पर बात की। इसका प्रभाव जनता के सामने रहा। गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी व केंद्रीय नेतृत्व ने हम पर जिम्मेदारी दी और उसे निभाने का प्रयास किया। करीब 35 वर्षों के बाद पहली बार भाजपा का नगराध्यक्ष चुनकर आया

सीएम के जिले में कांग्रेस हुई गायब

27 नगर-नपं से 22 भाजपा, 2 पर शिंदे शिवसेना ने अपना परचम लहराकर आगामी जिला परिषद व मनपा चुनाव के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया है। 24 नगर पालिका में भाजपा-शिंदे सेना के नगराध्यक्ष होंगे। कांग्रेस केवल सावनेर और मौदा नगर परिषद में जीत हासिल हुई। वहीं काटोल विधानसभा क्षेत्र में 4 में से केवल काटोल नगर परिषद में शरद एनसीपी ने भाजपा के साथ गठबंधन कर सफलता पाई। छिंदवाड़ा के पड़ोसी गोंगपा का नगराध्यक्ष चुना गया।

शिंदे से गठबंधन की चर्चा

सीएम ने कहा कि मुंबई मनपा व अन्य जगहों पर शिंदे से चुनाव लड़ने में 1-2 दिनों में अंतिम चर्चा होगी। अगर कहीं अड़चन आई तो उनसे चर्चा कर रास्ता निकालेंगे। उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे को सिरे से नकार दिया।

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