मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में हो रही गैरकानूनी बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने के लिए अब कड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर काली सूची (Black List) में डाला जाएगा। इस कदम के बाद अब ये घुसपैठिए किसी भी सरकारी कल्याण योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
सरकार की नई कार्ययोजना क्या है?
राज्यभर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने का आदेश दिया गया है। प्रत्येक जिले में इनकी ब्लैकलिस्ट तैयार की जाएगी और यह सूची एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को भेजी जाएगी।
ATS द्वारा इन नामों की जांच-पड़ताल कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन व्यक्तियों पर कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रमाणपत्र जारी तो नहीं हुआ है।
अगर किसी के पास ऐसे फर्जी दस्तावेज मिले तो तुरंत उनका रद्दीकरण, निलंबन या निष्क्रियता की कार्यवाही की जाएगी।
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इस पूरी प्रक्रिया का त्रैमासिक रिपोर्ट (Quarterly Report) राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।
रेशन कार्ड और शैक्षणिक दस्तावेजों पर सख्ती
फडणवीस सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब रेशन कार्ड या शैक्षणिक प्रमाणपत्र (शिधापत्रिका) जारी करने के लिए कड़े नियम लागू होंगे।
किसी भी व्यक्ति को ये दस्तावेज देने से पहले उसकी पहचान और निवास स्थान की पूरी जांच की जाएगी।
स्थानीय प्रतिनिधियों से मिली सिफारिशों की भी गहन समीक्षा होगी।
अगर कोई संदिग्ध पाया जाता है, तो उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट में डालकर सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि लोकसंख्या नियंत्रण और संसाधनों की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।
राज्य में पहले से ही हजारों बांग्लादेशी अवैध रूप से बस चुके हैं —
ATS की रिपोर्ट के अनुसार, 2,274 से अधिक बांग्लादेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हैं।
फडणवीस सरकार की सख्त चेतावनी
सरकार ने कहा है कि अब कोई भी अधिकारी या संस्था ऐसे अवैध लोगों को सुविधाएं देती पाई गई, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
राज्यभर में ब्लॉक स्तर से लेकर विभागीय दफ्तरों तक इन निर्देशों को लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
सभी विभागों को यह भी कहा गया है कि यदि किसी संदिग्ध की जानकारी मिले, तो सीधे ATS को रिपोर्ट की जाए।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम राज्य में गैरकानूनी घुसपैठ पर नकेल कसने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
फडणवीस सरकार का दावा है कि इस निर्णय से न केवल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ वैध नागरिकों तक ही सीमित रहेगा।

