सर्वदलीय जन आक्रोश मोर्चा सड़कों पर उतरा
भंडारा: नगर परिषद चुनाव में ईवीएम मशीनों में गंभीर तकनीकी गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भंडारा जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सोमवार को सर्वदलीय जन आक्रोश मोर्चा के बैनर तले सत्ताधारी और विपक्षी दलों ने एकजुट होकर ईवीएम की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली गांधी चौक से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाली गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रशासन और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
नेताओं का आरोप है कि भंडारा नगर परिषद चुनाव में प्रयुक्त ईवीएम में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतगणना के दौरान कई वार्डों में ईवीएम से जुड़े विवाद सामने आए, विशेष रूप से प्रभाग क्रमांक 3 में मतगणना को लेकर स्थिति अधिक गंभीर रही।
बताया गया है कि मतगणना के दौरान प्रभाग क्रमांक 3 में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की उम्मीदवार करणा उगमारे और उनके एजेंट ने ईवीएम के कंट्रोल यूनिट से जुड़े मुद्दों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इस कारण कुछ समय के लिए मतगणना प्रक्रिया रोकनी पड़ी। प्रशासन ने बाद में तकनीकी जांच के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो लोकतंत्र को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। नेताओं ने मांग की कि भंडारा नगर परिषद चुनाव की प्रक्रिया को रद्द कर बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराया जाए।
12 जनवरी को भंडारा बंद का आह्वान
सर्वदलीय मोर्चा के नेताओं ने घोषणा की कि यदि प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो 12 जनवरी को भंडारा बंद किया जाएगा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में नागरिकों और पराजित उम्मीदवारों ने भाग लेकर ईवीएम विरोधी मुहिम को अपना समर्थन दिया।
प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच नियमानुसार की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

