जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में तय हुई खर्च सीमा — कब लागू हो सकती है आचार सहिंता ?

नागपुर —
राज्य में जल्द ही स्थानीय निकायों के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। इसी बीच राज्य चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला लेते हुए उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय कर दी है।

राज्य चुनाव आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार —
जिला परिषद (Zilla Parishad) चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 6 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे।
वहीं पंचायत समिति (Panchayat Samiti) के उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा 4 लाख 50 हज़ार रुपए रखी गई है।

इससे अधिक खर्च करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने साफ कहा है कि तय सीमा से ज़्यादा खर्च करने वाले उम्मीदवारों की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी और भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक भी लग सकती है।

राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, खर्च सीमा तय करने के पीछे मकसद यह है कि चुनाव में पैसे का प्रभाव कम हो और हर वर्ग के उम्मीदवार को समान अवसर मिल सके।

नागपुर जिला परिषद में वर्तमान में कुल 57 सदस्य हैं, इसी के आधार पर जिला परिषद उम्मीदवारों की खर्च सीमा 6 लाख रुपए तय की गई है। वहीं, पंचायत समिति उम्मीदवारों के लिए सदस्य संख्या को देखते हुए खर्च सीमा 4.50 लाख रुपए रखी गई है।

अब यह चर्चा तेज़ हो गई है कि स्थानीय निकायों के पहले चरण के चुनाव के लिए आचार संहिता अगले सप्ताह तक लागू हो सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पहले चरण में नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव कराए जाएंगे।

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राज्य चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद अब उम्मीदवारों में हलचल तेज़ हो गई है। सभी अपने-अपने प्रचार अभियान की रूपरेखा तय सीमा के अंदर रहने के हिसाब से तैयार कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले से चुनाव में पारदर्शिता बढ़ेगी और बेवजह के खर्च पर रोक लगेगी।
अब देखना यह होगा कि उम्मीदवार इस सीमा के अंदर रहकर जनता तक अपना संदेश किस तरह पहुँचाते हैं।

आयोग की यह पहल चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और आम जनता के भरोसे के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में चुनावी माहौल और भी गरमाने की संभावना है।

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