नागपुर। मनपा (नागपुर महानगरपालिका) में चुनाव ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पूर्व नेता वेदप्रकाश आर्य ने मनपा प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव ड्यूटी में जानबूझकर पक्षपात किया गया है। उन्होंने कुछ चुनिंदा स्कूलों के शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से बचाने और अधिकारियों द्वारा नियमों में हेरफेर करने का आरोप लगाया है।
वेदप्रकाश आर्य द्वारा सौंपे गए लिखित शिकायत पत्र के अनुसार, सिंधु शिक्षण संस्था द्वारा संचालित महात्मा गांधी सेंटेनियल सिंधु हाई स्कूल के शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से बाहर रखा गया। वहीं, उसी परिसर में स्थित अन्य स्कूलों के शिक्षकों को चुनाव संबंधी कार्यों में लगाया गया। आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण के इस स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई गई, जो कि नियमों के विपरीत है।
इसके अलावा शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि दयानंद आर्य कन्या विद्यालय और कनिष्ठ महाविद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी आदेशों में स्कूल का नाम गलत तरीके से महात्मा गांधी सेंटेनियल सिंधु हाई स्कूल दर्शाया गया। इस प्रकार की त्रुटियां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
आर्य ने कहा कि यह पूरा मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि चुनाव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की ओर भी इशारा करता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त (सामान्य प्रशासन) ने शिक्षा अधिकारी और आईटी विभाग के चुनाव प्रबंधन कक्ष को पत्र लिखकर 24 घंटे के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण और आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यदि चुनाव ड्यूटी आवंटन में कोई गड़बड़ी या जानबूझकर की गई चूक पाई जाती है, तो संबंधित स्कूल या विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
वेदप्रकाश आर्य ने यह भी कहा कि उत्तर नागपुर क्षेत्र में स्थित एक बड़े स्कूल में लगभग 300 का स्टाफ होने के बावजूद वहां से एक भी शिक्षक की चुनाव ड्यूटी नहीं लगाई गई। जबकि जरीपटका, इंदोरा, पाचपावली सहित अन्य क्षेत्रों के स्कूलों के शिक्षकों को बड़ी संख्या में चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।
इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग करते हुए आर्य ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं देता है, तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे।
शिकायत प्रस्तुत करते समय विश्व इंगोले, लता इंगोले, हरीश तिवारी, धवल भिसानी, बलराम मुंजा, अमित बजाज, जीतू केवलरामानी, तरुण रामदासानी, जगदीश खुशालानी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

