नागपुर/भंडारा।
राज्य में चल रहे महानगरपालिका चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेत तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नागपुर और भंडारा जिलों में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। अचानक हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बीते लगभग चार वर्षों से चल रही रेत तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने रेत कारोबार से जुड़े व्यापारियों, ठेकेदारों और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
ठाकरें गुट के नेता जांच के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) से जुड़े कुछ नेताओं और उनके करीबी लोगों के नाम भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। हालांकि, एजेंसी की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
चोरी की रॉयल्टी से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि यह मामला रेत की चोरी और रॉयल्टी चोरी से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2021 में नागपुर पुलिस ने रेत कारोबारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे, जिनके आधार पर अब केंद्रीय एजेंसी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की जा रही है। रेत माफिया का एक संगठित नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी परतें अब खोली जा रही हैं।
छापेमारी के दौरान ED की टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जब्त किए हैं। संबंधित व्यवसायियों से पूछताछ भी की जा रही है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
महानगरपालिका चुनाव के ऐन पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और पूरे रेत तस्करी नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

