नागपुर, निज संवाददाता।
आगामी नागपुर महानगरपालिका (मनपा) चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी इस बार समान विचारधारा वाले (सविआ) दलों के साथ मिलकर मनपा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। इसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर जारी है। कांग्रेस का लक्ष्य इस बार नगर निगम में मजबूत उपस्थिति दर्ज कर सत्ता में प्रभावी भूमिका निभाना है।
मनपा चुनाव की तैयारियों के तहत कांग्रेस ने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को भी अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 19 और 20 तारीख को उम्मीदवारों के इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इन इंटरव्यू के लिए पार्टी के पास 1,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे यह साफ है कि कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस ने सविआ दलों के साथ गठबंधन कर मनपा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि साझा उम्मीदवारों और साझा एजेंडे के साथ मैदान में उतरने से भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।
नागपुर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, गठबंधन को लेकर प्रारंभिक सहमति बन चुकी है और सीटों के बंटवारे पर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है। कांग्रेस इस बात का ध्यान रख रही है कि गठबंधन सहयोगियों को सम्मानजनक हिस्सेदारी मिले, ताकि चुनाव के दौरान आपसी तालमेल बना रहे।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बैठक
हाल ही में नागपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मनपा चुनाव की रणनीति, गठबंधन, उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी।
नेताओं ने यह भी कहा कि ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा, जिनकी अपने-अपने वार्ड में अच्छी पकड़ हो, जो जनता के बीच सक्रिय रहे हों और जिनका छवि साफ-सुथरी हो। पार्टी इस बार टिकट वितरण में सामाजिक संतुलन और स्थानीय समीकरणों का भी विशेष ध्यान रखेगी।
1,000 से अधिक दावेदार, कड़ी स्क्रीनिंग
कांग्रेस को मनपा चुनाव के लिए मिले 1,000 से अधिक आवेदन पार्टी के लिए एक ओर जहां उत्साहजनक हैं, वहीं उम्मीदवार चयन एक बड़ी चुनौती भी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 19 और 20 तारीख को होने वाले इंटरव्यू में आवेदकों की राजनीतिक पृष्ठभूमि, संगठनात्मक अनुभव, जनसंपर्क, सामाजिक कार्य और जीत की संभावनाओं को परखा जाएगा।
इंटरव्यू पैनल में प्रदेश और शहर स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे। प्रत्येक उम्मीदवार से वार्ड से जुड़े मुद्दों, विकास के एजेंडे और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लेकर सवाल किए जाएंगे। इसके बाद एक स्क्रीनिंग प्रक्रिया के जरिए नामों की छंटनी कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
कांग्रेस ने चुनाव प्रचार को लेकर भी प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कर ली है। पार्टी स्थानीय मुद्दों—जैसे पानी की समस्या, सड़कें, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा और बेरोजगारी—को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाएगी। साथ ही, नगर निगम में भाजपा के लंबे कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों और कथित विफलताओं को भी जनता के सामने रखा जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी घर-घर संपर्क अभियान, वार्ड स्तर की सभाएं और सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचेगी। युवा और महिला मतदाताओं को साधने के लिए विशेष कार्यक्रम भी तैयार किए जा रहे हैं।
मनपा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस संगठन को भी मजबूत करने में जुटी है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है और उन्हें चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन और सही उम्मीदवार ही चुनाव में सफलता की कुंजी हैं।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मनपा चुनाव में भाजपा को उसके वादों और कामकाज के आधार पर घेरा जाएगा। शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर भाजपा शासित नगर निगम पर सवाल उठाए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि जनता बदलाव चाहती है और पार्टी इस उम्मीद पर खरी उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।
कुल मिलाकर, नागपुर मनपा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है। सविआ दलों के साथ गठबंधन, उम्मीदवार चयन की पारदर्शी प्रक्रिया और आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति के जरिए पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है। 19–20 को होने वाले इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी और इसके साथ ही मनपा चुनाव का राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।

