नागपुर | सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आए एक खुलासे ने महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री सहायता निधि (CM Relief Fund) के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI कार्यकर्ता वैभव कोकट को प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 में सहायता निधि में कुल ₹1,06,57,96,331 जमा हुए।
सरकार द्वारा दिए गए विवरण में यह भी बताया गया कि इसी अवधि में पूरग्रस्त और नुकसानग्रस्त किसानों के लिए केवल ₹75,000 की आर्थिक सहायता जारी की गई। यह राहत राशि नियमित रूप से प्राप्त होने वाले आवेदनों के आधार पर प्रदान की गई थी।
बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत मामूली
सितंबर और अक्टूबर 2025 के दौरान महाराष्ट्र के कई जिलों में आई तीव्र बाढ़ से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था। बड़ी संख्या में फसलें नष्ट होने के बावजूद, सहायता निधि में जमा भारी राशि की तुलना में जारी की गई सहायता बेहद कम पाई गई।
आरटीआई में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, वितरित राशि कुल जमा निधि का केवल 0.007% है।
मीडिया रिपोर्टों की जानकारी पर भी सवाल
RTI कार्यकर्ता ने कुछ मीडिया रिपोर्टों पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कई रिपोर्टों में केवल जमा राशि और आरटीआई आवेदन का उल्लेख किया गया, जबकि किसानों को दी गई वास्तविक राहत राशि का उल्लेख नहीं किया गया। इससे सूचना की अपूर्ण प्रस्तुति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
किसानों में असंतोष
किसानों का कहना है कि बाढ़ से हुए नुकसान की तुलना में मिली सहायता असंगत है। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि:
- जमा हुई कुल राशि में से वास्तविक वितरण कितना हुआ
- किन क्षेत्रों के किसानों को सहायता मिली
- शेष राशि का उपयोग कैसे किया जा रहा है
RTI संस्था की अपील
RTI Human Rights Activist Association ने नागरिकों से इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने की अपील की है, ताकि पूरग्रस्त किसानों को न्याय मिल सके और राहत निधि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

