नागपुर, कार्यालय प्रतिनिधि:
दृष्टिहीन किशोरी को घर में अकेला पाकर दुष्कर्म करने के मामले में अतिरिक्त व जिला सत्र न्यायाधीश जे. पी. राठौर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना नागपुर जिले के जरीपटका थाना क्षेत्र की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जून 2022 को जरीपटका पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने विनोद नारायण नाडेबकर (55) के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीड़िता दृष्टिहीन है और बोरा के एक विशेष विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रही थी। घर के निर्माण कार्य के कारण वह अपनी मां और भाई के साथ जरीपटका थाना क्षेत्र में रह रही थी।
घटना के दिन पीड़िता की मां काम पर गई हुई थी और उसका भाई बाहर गया था। दोपहर करीब एक बजे पीड़िता घर में अकेली टीवी सुन रही थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे चुप रहने को कहा और आपत्तिजनक हरकतें करता रहा।
आवाज से आरोपी की पहचान
पीड़िता ने आरोपी को उसकी आवाज के आधार पर पहचाना। घटना के बाद वह किसी तरह घर से बाहर निकली और अपनी सहेली के घर पहुंचकर पूरी जानकारी दी। बाद में मां के लौटने पर पूरी आपबीती सुनाई गई, जिसके बाद जरीपटका थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत में 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें पीड़िता का बयान अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

