राजस्व मंत्री ने दी जानकारी, बोले – भाजपा का ही महागठबंधन
नागपुर, 2 जनवरी 2026:
जिला परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय रूप से नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी समझाइश देकर उनके नामांकन वापस कराएगी। यह जानकारी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने भावावेश में आकर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है, लेकिन पार्टी उनसे संवाद कर रही है और जल्द ही सकारात्मक निर्णय निकाला जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।
भाजपा का ही महागठबंधन : बावनकुले
राजस्व मंत्री बावनकुले ने दावा किया कि भाजपा की स्थिति विदर्भ और पुणे संभाग में मजबूत है और पार्टी पूरी ताकत से जिला परिषद चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2025 को हुई अधिकृत सूची के बाद भाजपा प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन पूरी तरह सक्रिय है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के नेतृत्व में भाजपा-शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस का महागठबंधन चुनाव मैदान में है। कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर कठिनाइयां आ सकती हैं, लेकिन समन्वय के साथ सभी सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ा जाएगा।
पहले 12 जिला परिषदों में चुनाव संभव
जिला परिषद चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि जिन 12 जिला परिषदों में ओबीसी आरक्षण 50 प्रतिशत सीमा के भीतर है, वहां चुनाव कराए जा सकते हैं। शेष जिला परिषदों के चुनावों को लेकर 21 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महागठबंधन के संबंध में राज्य स्तर पर भाजपा-शिवसेना सहयोगी दलों के बीच समन्वय बना हुआ है। कुछ स्थानों पर असंतोष की स्थिति बन सकती है, लेकिन उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।
राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि जिन व्यक्तियों पर गंभीर आरोप सिद्ध हो चुके हैं, उन्हें भाजपा का टिकट नहीं दिया गया है। वहीं जिन मामलों में केवल केस दर्ज हैं और अदालत में दोष सिद्ध नहीं हुआ है, उन मामलों को अलग-अलग आधार पर देखा जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ स्थानों पर जिला अध्यक्षों को हटाया गया है और पुणे में जिन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हैं, उन्हें टिकट न देने का निर्णय संगठन स्तर पर लिया गया है। पार्टी में अनुशासन और स्वच्छ छवि को प्राथमिकता दी जा रही है।
बावनकुले ने विश्वास जताया कि सभी नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें वापस पार्टी की मुख्यधारा में लाया जाएगा और भाजपा आगामी जिला परिषद चुनाव एकजुट होकर लड़ेगी।

