प्रतिबंधित नायलॉन मांजा के खिलाफ हाई कोर्ट में दर्ज हुई जनहित याचिका
नागपुर, शहर प्रतिनिधि।
शहर में प्रतिबंधित नायलॉन मांजा की अवैध बिक्री और उपयोग को लेकर दायर जनहित याचिका पर नागपुर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस विभाग और नागपुर महानगरपालिका (मनपा) के अधिकारियों को 24 दिसंबर को उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।
यह जनहित याचिका शहर में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहे नायलॉन मांजा के कारण मानव जीवन, पक्षियों और पशुओं के लिए बढ़ते खतरे को लेकर दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल किशोर और न्यायमूर्ति रुचिर व्यास की खंडपीठ के समक्ष हुई।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नायलॉन मांजा का उपयोग और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इसका खुलेआम बाजार में मिलना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। कोर्ट ने पुलिस और मनपा से पूछा कि अब तक कितनी कार्रवाई की गई और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।
नायलॉन मांजा विक्रेताओं की धरपकड़ हुई तेज
जैसे-जैसे मकर संक्रांति नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नायलॉन मांजा बेचने वालों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इसके मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने विशेष अभियान चलाते हुए धरपकड़ तेज कर दी है।
पुलिस के अनुसार, काटोल रोड, सिविल लाइंस, सक्करदरा और नंदनवन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कई दुकानों और गोदामों पर छापे मारे गए। इस दौरान भारी मात्रा में नायलॉन मांजा, चाइनीज मांजा और प्रतिबंधित डोर जब्त की गई।
एक कार्रवाई में पुलिस ने 20 हजार रुपए कीमत का नायलॉन मांजा जब्त किया। इसके अलावा, वाहन से नायलॉन मांजा ले जा रहे एक युवक को भी पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि मांजा अन्य शहरों से लाकर नागपुर में सप्लाई किया जा रहा था।
प्रतिबंध के बावजूद ऑनलाइन बिक्री
कोर्ट में यह भी सामने आया कि नायलॉन मांजा की बिक्री केवल स्थानीय दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग नामों से इसे बेचा जा रहा है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भी इस अवैध कारोबार की जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं।
कोर्ट ने राज्य सरकार और पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड से भी जवाब मांगा है कि नायलॉन मांजा उद्योग को नियंत्रित करने के लिए क्या नियम बनाए गए हैं और उनका पालन क्यों नहीं हो रहा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वर्ष 2017 में नायलॉन मांजा के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद अलग-अलग नामों से यह मांजा बाजार में उपलब्ध है, जो कानून का खुला उल्लंघन है।
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित नायलॉन मांजा की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि प्रशासनिक लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

