📍 मुंबई :
महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचाने वाला एक बड़ा खुलासा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने किया है। उन्होंने दावा किया है कि मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी और “बोगस वोटर” (फर्जी मतदाता) शामिल किए गए हैं।आदित्य ठाकरे ने सबूतों के साथ बताया कि एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग जगहों पर, अलग-अलग रूप में दर्ज हैं — कहीं नाम में बदलाव है, तो कहीं जेंडर (लिंग) में!
फर्जी मतदाताओं का चौंकाने वाला खुलासाआदित्य ठाकरे ने बताया कि कुछ मतदाताओं के नाम और पारिवारिक विवरण पूरी तरह से मेल नहीं खाते।
जैसे —
• एक मतदाता का नाम गिरीश गजानन म्हात्रे है, जबकि उसके पिता का नाम गजानन पटेल दर्ज है — यानी बेटा मराठी तो पिता गुजराती!
• दूसरे मतदाता का नाम राम बंधन यादव है, लेकिन पिता का नाम सहदेव वाघमारे लिखा गया है।
• तीसरे मतदाता संतोष कुमार सरोज के पिता का नाम राधे श्याम राधे श्याम बताया गया है।
ऐसे चार हजार से ज्यादा फर्जी नामों का पता आदित्य ठाकरे की जांच में चला है।
चौंकाने वाले आंकड़े:
आदित्य ठाकरे ने बताया कि मुंबई में बड़ी संख्या में मतदाताओं की गड़बड़ी सामने आई है।
लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या थी — 2,52,970,
जबकि विधानसभा चुनाव में यह बढ़कर 2,63,352 हो गई।
यानि 16,043 नए मतदाता जोड़े गए और 5,656 हटाए गए।
इनमें से 11,333 मतदाताओं की जानकारी संदिग्ध पाई गई है।
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा:
“सरकार के संरक्षण में बोगस मतदाता तैयार किए गए हैं। यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। हमने यह पूरा मामला निर्वाचन आयोग के सामने रखा है। मुंबई में मतदाता सूची की स्वतंत्र जांच जरूरी है,” — आदित्य ठाकरे
राजनीतिक हलचल तेज
इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) का कहना है कि यह चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है।
वहीं विपक्षी दलों ने भी स्वतंत्र जांच की मांग की है।

