पुलिस थाने में मामला दर्ज करने का निर्देश, सख्ती के संकेत
नागपुर, 2 जनवरी 2026:
नागपुर महानगरपालिका (मनपा) के आगामी आम चुनाव को लेकर प्रशासन ने चुनावी कार्यों में लापरवाही और आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी से इनकार करने वाले विभिन्न स्कूलों के चार प्रधानाध्यापकों (हेडमास्टरों) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत पुलिस थाने में मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, इन प्रधानाध्यापकों को चुनाव प्रशिक्षण और मतदान ड्यूटी के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने नियुक्ति आदेश स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। यह कृत्य चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक कार्य में बाधा डालने की श्रेणी में आता है।
राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मनपा के चुनाव विभाग ने 21 दिसंबर 2025 को मतदान अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए थे। संबंधित प्रधानाध्यापकों को उनके पते पर आधिकारिक नियुक्ति पत्र भेजे गए, लेकिन जब कर्मचारी आदेश देने पहुंचे तो उन्होंने आदेश लेने से इनकार कर दिया।
इनमें सिविल लाइंस (सदर) क्षेत्र, एम्स शेख, ईश्वरनगर (रमना मारोती रोड), डीजीओ (धार्मिक व पूजा दाबेकर) और शांतिनगर क्षेत्र के स्कूलों से जुड़े प्रधानाध्यापक शामिल बताए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि इन प्रधानाध्यापकों ने न केवल नियुक्ति आदेश अस्वीकार किया, बल्कि 28 दिसंबर 2025 को आयोजित चुनाव प्रशिक्षण में भी अनुपस्थिति दर्ज कराई। सक्षम अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का उल्लंघन कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।
मनपा प्रशासन के अनुसार, इन सभी को मनपा चुनावों के लिए मतदान अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।
गैर-जिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं : प्रशासन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव लोकतंत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, टालमटोल या गैर-जिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहले भी आदेशों में देरी करने वालों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब सीधे फौजदारी कार्रवाई की जा रही है।
मनपा आयुक्त ने चुनाव विभाग को निर्देश दिए हैं कि संबंधित प्रधानाध्यापकों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई जाए। इसके लिए स्वच्छता निरीक्षकों को अधिकृत किया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी पत्र की प्रतियां पुलिस आयुक्त, मनपा आयुक्त और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने इस सख्ती को चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम बताया है।

