बारामती विमान दुर्घटना, (AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में मुख्य खुलासे)

एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती में 28 जनवरी को हुए Learjet 45XR विमान दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दुर्घटना के पीछे आधारभूत सुरक्षा और परिचालन खामियों को प्रमुख कारण बताया गया है।

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कम दृश्यता (Visibility) दुर्घटना का बड़ा कारण:

AAIB रिपोर्ट के अनुसार, जब विमान बारामती एयरफील्ड पर लैंडिंग के लिए आ रहा था, तब दृश्यता सिर्फ 3,000 मीटर थी, जो कि 5,000 मीटर की न्यूनतम आवश्यक सीमा से काफी कम है। यह न्यूनतम सीमा Visual Flight Rules (VFR) के तहत सुरक्षित लैंडिंग के लिए अनिवार्य होती है।

नेविगेशनल सुविधाओं की कमी:

बारामती एयरफील्ड अनियंत्रित (uncontrolled) एयरफील्ड है और वहां कोई आधिकारिक नेविगेशनल उपकरण उपलब्ध नहीं है। केवल कुछ विंडसॉक लगे हैं, लेकिन रनवे पर ILS, VOR/DME जैसे आवश्यक उपकरण नहीं हैं, जिससे पायलट को लैंडिंग में महत्वपूर्ण सहायता नहीं मिल पाती।

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मौसम की जानकारी के लिए कोई मानक सुविधा नहीं:

एयरफील्ड में कोई मौसम केंद्र (meteorological facility) नहीं है और मौसम संबंधी सूचना केवल अस्थायी टॉवर में लगे साधारण उपकरण से दी जाती है। इससे वास्तविक मौसम स्थिति के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल पाती।

रनवे और इंफ्रा संरचना की कमियां:

रिपोर्ट के अनुसार रनवे बहुत समय से पुनः रचना नहीं हुई थी, जिससे रनवे मार्किंग फीकी पड़ गई थीं और कुछ जगहों पर ढीला कंकड़ भी था। साथ ही, एयरफील्ड पर कोई आपातकालीन सेवाएं (Aircraft Rescue and Fire Fighting) उपलब्ध नहीं थी।

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अन्य परिचालन और सुरक्षा अंतराल:

• पायलटों ने कम दृश्यता के बावजूद लैंडिंग जारी रखी।
• एयरफील्ड पर पूर्ण सीमा दीवार नहीं थी और ATC टॉवर औपचारिक नियंत्रण प्रणाली के तहत संचालित नहीं होता था।

इन प्रारंभिक निष्कर्षों से स्पष्ट हुआ है कि दुर्घटना केवल एक तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि विमान लैंडिंग नियमों का पालन न होना, अवसंरचना की कमी और दृश्यता की असुरक्षित स्थिति जैसे संयुक्त कारक रहे हैं। अंतिम कारण और विस्तृत व्याख्या के लिए AAIB की आगे की विस्तृत जांच जारी है।

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