छात्रों में उत्सुकता के साथ तनाव, शिक्षक और अभिभावक दे रहे जरूरी मार्गदर्शन
नागपुर | राज्यभर में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार, 10 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। परीक्षा की तैयारियों को लेकर शिक्षा विभाग ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। नागपुर विभागीय बोर्ड के अंतर्गत इस वर्ष कुल 1 लाख 60 हजार 292 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिनमें से 65 हजार 499 छात्र नागपुर जिले से हैं।
परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन, निगरानी और समयबद्ध संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा कक्षों में उड़नदस्तों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और शांत वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्कूल-कॉलेजों में बढ़ी गतिविधियां
आत्मविश्वास बनाए रखने पर जोर
बोर्ड परीक्षा को देखते हुए विद्यालयों और जूनियर कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को अंतिम समय में रिवीजन, समय प्रबंधन और प्रश्न-पत्र हल करने की रणनीति समझा रहे हैं।
छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे
- प्रश्न-पत्र को पहले ध्यान से पढ़ें
- आसान प्रश्न पहले हल करें
- उत्तर पुस्तिका में साफ और स्पष्ट अक्षरों में लिखें
- समय का संतुलित उपयोग करें
शिक्षकों का कहना है कि इस समय घबराने की बजाय आत्मविश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है।
“पढ़ाई हो चुकी है, तनाव न लें”
विशेषज्ञों की छात्रों को सलाह
पूर्व वाइस प्रेसिडेंट, आंबेडकर कॉलेज कबीरराव लेलेकर ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा—
“बच्चों को बिल्कुल भी तनाव नहीं लेना चाहिए। आपकी पढ़ाई पहले ही पूरी हो चुकी है, अब केवल उसका दोहराव करें। पर्याप्त पानी पिएं, अच्छी नींद लें और किसी भी नए विषय को पढ़ने से बचें। जो आता है, उसी का अभ्यास करें।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें। पौष्टिक आहार, फल और पर्याप्त नींद इस समय बेहद जरूरी है।
कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप
हॉल टिकट में लापरवाही से छात्रों में बढ़ा तनाव
इधर, परीक्षा से ठीक पहले पिपला रोड स्थित आदर्श संस्कार विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों का आरोप है कि कॉलेज द्वारा वितरित किए गए हॉल टिकट में भारी त्रुटियां पाई गईं।
छात्रों के अनुसार,
- हॉल टिकट पर नाम सही था
- लेकिन फोटो और हस्ताक्षर किसी अन्य छात्र के थे
जब इस संबंध में कॉलेज प्रशासन से शिकायत की गई, तो आरोप है कि बोर्ड से नया हॉल टिकट मंगाने के बजाय उसी गलत हॉल टिकट पर विद्यार्थियों की सही फोटो चिपकाकर, नीचे हस्ताक्षर करवा दिए गए। इसके बाद उसी बदले हुए हॉल टिकट की ज़ेरॉक्स निकालकर उस पर कॉलेज की मुहर लगाकर छात्रों को दे दिया गया, जिससे अभिभावकों में नाराजगी फैल गई।
विशेषज्ञों की राय
नया संशोधित पीडीएफ ही मान्य प्रक्रिया
शिक्षा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र राज्य बोर्ड द्वारा जारी हॉल टिकट के पीडीएफ में यदि नाम, माता का नाम या फोटो से संबंधित कोई त्रुटि हो, तो कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वे बोर्ड से संशोधित नया पीडीएफ मंगवाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार—
- फोटो चिपकाना या हस्ताक्षर करवाना अमान्य प्रक्रिया है
- संशोधित हॉल टिकट की प्रिंट पर कॉलेज की मुहर लगाना ही सही तरीका है
- किसी भी परिस्थिति में छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए
कॉलेज प्रशासन की सफाई
“सुधार करवाकर सही हॉल टिकट वितरित किए”
इस पूरे मामले पर आदर्श संस्कार विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज की प्राचार्या सुजाता पशीने ने बताया कि—
“हर वर्ष कुछ विद्यार्थियों के हॉल टिकट में नाम की स्पेलिंग या माता के नाम से जुड़ी छोटी त्रुटियां सामने आती हैं। इस वर्ष भी 5 से 6 विद्यार्थियों के हॉल टिकट में गलतियां थीं। हमने बोर्ड से सुधार करवाकर नया पीडीएफ मंगाया है और सभी संबंधित विद्यार्थियों को सही हॉल टिकट वितरित कर दिए गए हैं।”

