नागपुर: नागपुर पुलिस ने अपने ‘Operation Shakti’ अभियान के तहत शहर भर में 100 से अधिक कमरों को सील किया है जो flesh trade और मानव तस्करी से जुड़े कारोबार में इस्तेमाल हो रहे थे। यह कार्रवाई पिछले एक साल से लगातार जारी है और इसे नागपुर पुलिस की सबसे बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई में से एक बताया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति-संबंधित नेटवर्क को तोड़ना, पीड़ितों को बचाना, और वास्तविक संपत्ति मालिकों को जुर्म में शामिल न होने के लिए चेतावनी देना है।
🔎 ‘Operation Shakti’ — पृष्ठभूमि और उद्देश्य
‘Operation Shakti’ नागपुर पुलिस का एक मुख्य अभियान है जो human trafficking (मानव तस्करी), flesh trade (वेश्यावृत्ति) और sex racket (यौन अपराध नेटवर्क) के खिलाफ चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत स्थानीय पुलिस, क्राइम ब्रांच और सोशल सिक्योरिटी विंग की टीमें लगातार पता-चाल सूचना और सर्च ऑपरेशन करती रहती हैं।
पुलिस ने बताया कि पिछले साल शहर के विभिन्न इलाकों में गलत तरीके से संचालित किए जा रहे कमरे व प्रॉपर्टीज़ का इस्तेमाल इस गैरकानूनी व्यापार के लिए किया जा रहा था। इन जगहों को न सिर्फ वेश्यावृत्ति के लिए उपयोग किया गया, बल्कि अवैध गतिविधियों के लिए भी डीलिंग पॉइंट के रूप में खड़ा किया गया था।
इसलिए पुलिस ने प्रोविजनल पॉवर के तहत Section 18 of the Prevention of Immoral Traffic Act (PITA) प्रवर्तन का उपयोग करते हुए इन कमरों को सील करने का निर्णय लिया।
🏘️ 100+ कमरों को सील करना — क्या हुआ?
पिछले एक साल के दौरान नागपुर पुलिस द्वारा कुल 23 संपत्तियों में स्थित 100 से अधिक कमरे को सील किया गया। इनमें कई रेड-लाइट एरिया, होटल कक्ष, निजी मकान और किराये के कमरों शामिल हैं, जिनका उपयोग ग़ैरकानूनी flesh trade गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
इस बड़ा ऑपरेशन पुलिस के लिए एक भारी कार्रवाई के रूप में दर्ज किया जा रहा है क्योंकि पहले 2024 में सिर्फ तीन जगहों की ही सीलिंग हुई थी। इसके बाद 2025 में 20 स्थानों को सील किया गया और अभी तक 2026 में तीन और जगहों को सील किया जा चुका है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सीलिंग आख़िरी और सख्त कदम है, जिससे ऐसे स्थानों का दोबारा दुरुपयोग रोकना है और यह विधिक कार्रवाई के सबसे सख्त रूपों में से एक माना जाता है।
🚔 पुलिस की कार्यवाही और बचाए गए लोग
अभियान के तहत क्राइम ब्रांच और लोकल थाने की टीमें कई बार रेड करते हुए पीड़ित महिलाओं और बच्चों को बचाने में सफलता पाई हैं। पिछले 90 दिनों में पुलिस ने लगभग 75 महिलाओं और पांच नाबालिगों को बचाया, जिनमें कई को तुरंत मेडिकल और काउंसलिंग सहायता भी दी गई है।
बचाए गए लोगों को सुरक्षित शेल्टर होम में रखा गया और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए सरकारी प्रोटेक्शन में रखा गया है। पुलिस ने कहा कि उन व्यक्तियों के लिए भी विकास सहायता और पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
👮 गिरफ्तारी, चेतावनी और भविष्य के कदम
इस अभियान के दौरान कई ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया जिनके बारे में संदेह था कि वे racketeering (अपराध नेटवर्क) और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। इनमें कुछ प्रॉपर्टी मालिक, ब्रोकर और होटल संचालक शामिल हैं।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर भू-स्वामियों, मकान मालिकों और ब्रोकरों को चेतावनी देने के लिए वीडियो संदेश भी जारी किए हैं, जिसमें उन्हें गलत मकानों को किराए पर देने या racketeers को स्थान उपलब्ध कराने के खिलाफ चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा पुलिस सार्वजनिक जागरूकता अभियान, पोस्टर और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर awareness drives भी शुरू करने की योजना बना रही है ताकि लोग किसी भी प्रकार के trafficking या flesh trade में साझेदारी न करें।
📍 किस तरह की संपत्तियों को सील किया गया?
इन सीलिंग के अधिकांश स्थानों में शामिल रहे:
- गंगा–जमुना रेड-लाइट एरिया के कमरे
- शहर के होटल रूमों के हिस्से
- कई प्राइवेट भवनों में किराये के कमरे
- कुछ ऐसे मकान जिनमें लड़कियों और महिलाओं को मजबूर किया जा रहा था
इन सभी स्थानों को एक वर्ष के लिए बंद करने का आदेश जारी किया गया है ताकि अवैध गतिविधियों का आधार पहले ही समाप्त हो सके।
🛡️ अभियान का सामाजिक असर
‘Operation Shakti’ का व्यापक असर नागपुर के सामाजिक ढांचे पर पड़ रहा है:
🔹 पीड़ितों को सुरक्षा और मदद मिली है
जिन महिलाओं और बच्चों को बचाया गया है, उन्हें अब संरक्षण, मेडिकल और भावनात्मक सहायता मिल रही है।
🔹 बिना जानकारी के मकान मालिक जागरूक हुए हैं
भू-स्वामियों और किरायेदारों को यह स्पष्ट संदेश मिल चुका है कि किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में संपत्ति का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
🔹 स्थानीय व्यापारियों और जनता के बीच सुरक्षा की भावना बढ़ी है
लोगों को अब लगता है कि पुलिस human trafficking जैसे गंभीर मुद्दों पर सक्रियता से कार्रवाई कर रही है।
📊 निष्कर्ष — Operation Shakti का महत्व
नागपुर पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि law enforcement (कानून के पालन) और मानव सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। 100 से अधिक कमरों का सील होना, और पीड़ितों का बचाया जाना इस बात का संकेत है कि पुलिस systematic और intelligence-based approach (सूचना आधारित रणनीति) अपना रही है।
यह अभियान सिर्फ एक enforcement action नहीं है, बल्कि इसे एक सामाजिक सुधार और मानवाधिकार सुरक्षा मुद्रा के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे कई लोग वेश्यावृत्ति और trafficking की जाल से बाहर निकले।

