कन्हान-कांद्री में समाज एकजुट; हर वर्ष आयोजन की मांग
कन्हान, ता. २७ :
कोरोना महामारी के बाद बीते छह वर्षों में पहली बार तेली समाज का भव्य सामाजिक सम्मेलन आयोजित किया गया। श्री संताजी अखिल तेली समाज संगठन (महाराष्ट्र राज्य) कन्हान-कांद्री की ओर से शनिवार (24 जनवरी) को संताजी सभागृह, कांद्री में आयोजित इस सामाजिक मेले से समाज के लोग एक बार फिर एकजुट हुए। सम्मेलन में कोरोना के बाद समाज में आई दूरी को कम कर संगठनात्मक शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया तथा भविष्य में इस प्रकार के सामाजिक सम्मेलन हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किए जाने की सर्वसम्मत मांग रखी गई।
सम्मेलन के दौरान पदाधिकारियों की बैठक, समाज एकत्रीकरण, कन्हान-कांद्री क्षेत्र के नव-निर्वाचित नगरसेवक एवं नगरसेविकाओं का सम्मान तथा महिलाओं के लिए हल्दी-कुंकू कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी एक संगठन तक सीमित न होकर संपूर्ण तेली समाज के लिए आयोजित किया गया था। रामटेक विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति ने समाज की एकता, विश्वास और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ संत जगनाडे महाराज, संत तुकाराम महाराज एवं विठ्ठल–रुक्माई की प्रतिमाओं पर पुष्पहार अर्पित कर की गई। इस अवसर पर संत जगनाडे महाराज का जयघोष किया गया। महिलाओं के लिए दिनचर्या और स्वास्थ्य विषयक मार्गदर्शन सहजोग माताजी संस्था के सदस्यों द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर तेली समाज के एमपीएससी, यूपीएससी, आईआईटी, चिकित्सा परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त खिलाड़ियों का विशेष सम्मान किया गया। साथ ही समाज के वरिष्ठ नागरिकों, उच्च शिक्षित व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि शेखर सावरबांधे (वरिष्ठ समाजसेवक) ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और व्यावहारिक क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं श्री संताजी अखिल तेली समाज संगठन के संस्थापक अनिल बजाईत ने समाज की महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों को अवसर व मार्गदर्शन देने के लिए संगठन के निरंतर प्रयास जारी रहने का भरोसा दिलाया।
इस दौरान कन्हान-कांद्री क्षेत्र के नव-निर्वाचित नगरसेवक एवं नगरसेविकाओं का शाल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन व प्रस्तावना निलकंठ मस्के ने की, जबकि आभार प्रदर्शन अमित मेघरे ने किया। बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति के कारण यह सम्मेलन कोरोना के बाद तेली समाज संगठन की एक नई और सकारात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

