ग्रामीणों की बिगड़ी सेहत, मामला पुलिस थाने तक पहुंचा
नागपुर। खैरी (ढालगांव) तहसील सावनेर क्षेत्र में दूषित जल आपूर्ति के कारण ग्रामीणों में गंभीर बीमारियां फैलने का मामला सामने आया है। गांव में लंबे समय से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में जलापूर्ति करने वाली मुख्य पाइप लाइन तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। इसके साथ ही फिल्टर प्लांट भी समय पर चालू नहीं किया गया, जिससे पानी की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि जलापूर्ति व्यवस्था में नियमित सफाई, क्लोरीनेशन और निगरानी का पूरी तरह अभाव है।
दूषित पानी के सेवन से ग्रामीणों में उल्टी, दस्त, बुखार और पेट से संबंधित बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। कई नागरिकों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ा, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ा है। गांव में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या की जानकारी ग्राम रोजगार सेवक और संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत करने के बाद कुछ ग्रामीणों को कथित तौर पर दबाव और धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया गया है। इस संबंध में पहले ही पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
प्रशासन ले रहा संज्ञान
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार, पानी की टंकियों की सफाई, पानी की गुणवत्ता की जांच तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और दवाइयों का वितरण शुरू किया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और नागरिकों के बीच अब भी दावे-प्रतिदावे की स्थिति बनी हुई है। उनका आरोप है कि समस्या अब तक पूरी तरह हल नहीं हुई है और आज भी इस मामले को लेकर नई शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं और लोगों की सेहत लगातार खतरे में बनी रहेगी।

