दिग्गज के नाम कटे, नए चेहरों को मौका

भाजपा में पूर्व वरिष्ठ पार्षदों के पैरों तले खिसकी जमीन

नागपुर | 30 दिसंबर 2025

मनपा चुनाव को लेकर नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी में इस बार टिकट वितरण को लेकर बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है, जिसमें कई दिग्गज और पूर्व वरिष्ठ पार्षदों के नाम कटने की चर्चा जोरों पर है। इससे पार्टी के कई पुराने नेताओं के पैरों तले जमीन खिसकती नजर आ रही है, जबकि नए चेहरों को मौका दिए जाने से संगठन में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।

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सूत्रों के अनुसार, भाजपा 108 वार्डों में सत्तारूढ़ दल के रूप में चुनाव मैदान में उतर रही है और टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष को शांत करना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। 2017 के चुनाव में जीत हासिल करने वाले कई पार्षद इस बार भी टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अंतिम समय में उनके नाम सूची से बाहर होने की खबरों से नाराजगी बढ़ गई है। पार्टी के भीतर यह संदेश भी गया है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं को दूसरे प्रभागों से चुनाव लड़ने के लिए कहा जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है और नामांकन के आखिरी दिन तक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस में भी टिकट को लेकर जबरदस्त खींचतान चल रही है। कई दावेदारों को फोन पर टिकट मिलने की सूचना दी जा रही है, जबकि कुछ को अंतिम समय तक इंतजार करने को कहा गया है। इस असमंजस की स्थिति में उम्मीदवार लगातार संपर्क में बने हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि कुछ नेताओं को एबी फॉर्म मिल चुके हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, भाजपा के पूर्व विधायक मिलिंद माने, कांग्रेस के विकास ठाकरे, कांग्रेस पार्षद विनय गुटले की पत्नी श्रद्धा गुटले और कांग्रेस नेता मुन्ना यादव के परिजनों के नामों को लेकर दावे किए जा रहे हैं। टिकट वितरण में देरी और बदलाव के कारण कई पुराने नेताओं में असंतोष पनप रहा है और कुछ ने स्थानीय नेतृत्व पर नाराजगी भी जाहिर की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम नए चेहरों को आगे लाने और संगठन में नई ऊर्जा भरने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ने की आशंका भी है। नामांकन की अंतिम तिथि से पहले के 24 से 48 घंटे दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान टिकट वितरण की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।

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