कार्तिक आर्यन ने बॉलीवुड में इनसाइडर–आउटसाइडर बहस की अहमियत पर की बात, बोले—लोग बाहरी कलाकारों की मुश्किलें नहीं समझ पाएंगे

मुंबई।
बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन इन दिनों लगातार बॉक्स ऑफिस सफलता का आनंद ले रहे हैं। उनकी अगली रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ क्रिसमस 2025 पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान कार्तिक ने बॉलीवुड में चल रही इनसाइडर–आउटसाइडर बहस पर अपने विचार साझा किए और इसे फिल्म इंडस्ट्री के लिए अहम बताया।

कार्तिक आर्यन खुद एक आउटसाइडर हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। उन्होंने बताया कि उन्हें इंडस्ट्री में स्थापित होने में करीब सात साल का समय लगा। वे किस्मत और मेहनत—दोनों पर विश्वास रखते हैं, लेकिन यह भी मानते हैं कि बाहरी कलाकारों को इंडस्ट्री में अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

इनसाइडर–आउटसाइडर बहस क्यों ज़रूरी

एक इंटरव्यू में कार्तिक ने कहा,

“अगर यह चर्चा नहीं होती, तो लोग यह कभी समझ ही नहीं पाते कि बाहरी कलाकारों को किन मुश्किलों से गुजरना पड़ता है।”

उन्होंने कहा कि स्टार किड्स को पैसा, काम और पहचान जल्दी मिल जाती है, जबकि आउटसाइडर्स को करियर के शुरुआती दौर में लगातार समझौते करने पड़ते हैं
कार्तिक के मुताबिक,

“जब कोई बड़ा निर्देशक किसी को लॉन्च करता है, तो वह बहुत ऊंचे स्तर से शुरुआत करता है। बाहरी कलाकारों के पास न तो पैसे होते हैं, न पहचान और न ही पहुंच।”

संघर्ष भरा शुरुआती दौर

कार्तिक ने 2011 में फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें असली पहचान 2018 में आई ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ से मिली। इस बीच उन्होंने कई ऐसी फिल्मों में काम किया जो बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं।

उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने कुछ फिल्में मजबूरी में की थीं, लेकिन अपने अतीत को बदलना नहीं चाहते। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पसंदीदा फिल्म ‘आकाश वाणी’ का फ्लॉप होना उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा।
कार्तिक ने कहा,

“उस समय उस फिल्म की असफलता ने मेरे मौके ही खत्म कर दिए थे।”

एक फिल्म बना या बिगाड़ सकती है करियर

‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ की सफलता के बाद कार्तिक ने ‘लुका छुपी’, ‘पति पत्नी और वो’ जैसी फिल्मों में काम किया और खुद को इंडस्ट्री के सफल लीड एक्टर्स में स्थापित किया।

कार्तिक का मानना है कि

“एक फिल्म आपका करियर बना भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि कनेक्शंस से ज्यादा टैलेंट मायने रखता है। संघर्ष के दिनों में उन्हें कई बार रिजेक्शन झेलने पड़े और वे कई बार आंसुओं के साथ घर लौटे
उन्होंने कहा,

“मैंने कई ऐसे लोगों को देखा है जो बाहर से आए और फिर सब छोड़कर चले गए, क्योंकि चीजें उनके लिए काम नहीं कर पाईं।”

अब चुन सकते हैं प्रोजेक्ट्स

कार्तिक ने यह भी स्वीकार किया कि भले ही आउटसाइडर्स ने इंडस्ट्री में बड़ी कामयाबी हासिल की हो, लेकिन असमानता आज भी मौजूद है। हालांकि, वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि आज वे ऐसी स्थिति में हैं जहां मेहनत के बाद अपने प्रोजेक्ट्स चुन सकते हैं।

आने वाली फिल्में

कार्तिक आर्यन की अगली फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ में उनके साथ अनन्या पांडे नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन समीर विद्वांस कर रहे हैं, जबकि जैकी श्रॉफ और नीना गुप्ता सहायक भूमिकाओं में होंगे।

इसके अलावा, कार्तिक जल्द ही अनुराग बसु की एक रोमांटिक फिल्म में श्रीलीला के साथ नजर आएंगे। वे करण जौहर द्वारा निर्मित फिल्म ‘नागज़िला’ की शूटिंग भी शुरू कर चुके हैं।

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