नागपुर। शहर के सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती भिक्षावृत्ति की गंभीर समस्या को देखते हुए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से छत्रपति चौक क्षेत्र में विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के दौरान भीख मांगते पाए गए तीन नाबालिग बच्चों और एक महिला को हिरासत में लेकर भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि बच्चों को जानबूझकर भिक्षावृत्ति के दलदल में धकेला जा रहा था, जिससे उनकी सुरक्षा, शिक्षा और मूल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा था। रेस्क्यू किए गए बच्चों की तत्काल चिकित्सकीय जांच कराई गई और उन्हें सुरक्षा के दृष्टिकोण से सरकारी बालगृह भेज दिया गया है।
महिला से पूछताछ के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बच्चों से भीख मंगवाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है, और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह अभियान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में चलाया गया। कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, धंतोली पुलिस स्टेशन की यशोधा सिंघम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रतिनिधि अंकित भिवांडे, मंगला टेंगुणे, दीपाली धमगाये और विक्की डहारे ने सक्रिय भूमिका निभाई।

