संत परंपरा का सम्मान बरकरार : संत जगनाडे महाराज आईटीआई का नाम जस का तस

सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के प्रस्तावित नाम बदलने के विरोध में विदर्भ के वाड़ी, रामटेक, कन्हान, कांद्री, मौदा, भंडारा, पारशिवनी, वर्धा और अमरावती सहित विभिन्न स्थानों पर श्री संत संताजी अखिल तेली समाज संगठन की शाखाओं ने संयुक्त रूप से ज्ञापन देकर सरकार पर दबाव बनाने वाला तीव्र विरोध नोंदवाया था।

व्यावसायिक प्रशिक्षण शिक्षा कार्यालय ने 18 मार्च 2025 को जारी परिपत्र में संस्थान के नाम परिवर्तन पर सुझाव मांगे थे। यह जानकारी सामने आते ही संगठन ने जिलाधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद और नगर पंचायत कार्यालयों में बड़ी संख्या में जाकर संत जगनाडे महाराज का नाम न बदलने की एकमत मांग जोरदार तरीके से मांड की।

वारकरी संप्रदाय में उनके अद्वितीय योगदान, समाजजागरण में उनके कार्य और संतपरंपरा की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए संगठन ने नाम को उसी रूप में बनाए रखने की ठोस मांग रखी। समाज की इस लगातार और व्यापक ज्ञापन मुहिम को अंततः राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संस्थान का मूल नाम ‘श्री संत जगनाडे महाराज शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था’ यथावत रखने का निर्णय घोषित किया।

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प्रस्तावित नामांतरण रद्द किए जाने से पूरे समाज में संतोष व्यक्त किया जा रहा है। तेली समाज संगठन की ओर से मुख्यमंत्री फडणवीस, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे और महाराष्ट्र सरकार का मनःपूर्वक आभार जताया गया है।

संगठन के संस्थापक अनिल बजाईत और पदाधिकारियों ने संतोष प्रकट करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता, निरंतर ज्ञापन मुहिम और लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज किए गए ठोस विरोध के कारण यह प्रस्ताव वापस लिया गया। सरकार ने संतपरंपरा, वारकरी भावनाओं और समाज की आकांक्षाओं का मान रखा—यह पूरे समाज के लिए गौरव की बात है।

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