सितंबर 2025 में विलमिंग्टन (अमेरिका) में हुआ क्वाड शिखर सम्मेलन इतिहास बन गया। पहली बार क्वाड ने खुद को “सैन्य-आर्थिक-सांस्कृतिक गठबंधन” घोषित किया। चारों देशों — भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया — ने संयुक्त बयान में कहा, “हम इंडो-पैसिफिक को स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित क्षेत्र बनाए रखेंगे।”
सबसे बड़ी घोषणा — क्वाड सैटेलाइट नेटवर्क। 2025 में ही चारों देशों ने 24 सैटेलाइट लॉन्च किए जो पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अब कोई भी चीनी जहाज या पनडुब्बी बिना नजर में आए नहीं गुजर सकती।
क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव के तहत भारत को लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ की आपूर्ति में प्राथमिकता मिल रही है। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 30 साल के लिए लिथियम खदान का अधिकार दे दिया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्वाड वैक्सीन पार्टनरशिप ने 2025 में 2 बिलियन डोज अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया को मुफ्त दी। भारत ने 70% वैक्सीन बनाई।
सबसे क्रांतिकारी — क्वाड चिप्स अलायंस। 2025 में ही ताइवान की TSMC, अमेरिका की माइक्रोन, जापान की रैपिडस और भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने मिलकर 2nm चिप बनाने का प्लांट गुजरात में शुरू कर दिया। 2028 तक भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर उत्पादक बनेगा।
क्वाड अब सिर्फ सुरक्षा गठबंधन नहीं, नई विश्व व्यवस्था का आधार बन चुका है।

