भारत की रक्षा क्षमता 2025: अब कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता

नवंबर 2025 में भारतीय सेना विश्व की सबसे सम्मानित और आधुनिक सेनाओं में से एक है। आत्मनिर्भर भारत के कारण अब 75% से ज्यादा हथियार और उपकरण स्वदेशी हैं।

सबसे बड़ी उपलब्धि — Tejas Mk-1A। 2025 तक वायुसेना में 83 तेजस Mk-1A शामिल हो चुके हैं। Mk-2 का प्रोटोटाइप उड़ चुका है। 2027 तक 120 Mk-2 आने हैं। AMCA (5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर) का पहला प्रोटोटाइप 2026 में उड़ेगा।

नौसेना में तो क्रांति आ गई है। 2014 में सिर्फ 2 स्कॉर्पीन सबमरीन बन रहे थे, आज 6 कार्यरत हैं। INS विक्रांत और INS विक्रां त दोनों समुद्र में तैनात हैं। तीसरा इंडिजिनस एयरक्राफ्ट कैरियर 2032 तक आएगा। 2025 में नौसेना के पास 68 युद्धपोत हैं जिनमें से 52 स्वदेशी हैं।

थल सेना में भी बदलाव। आर्टिलरी में आत्मनिर्भरता 90% हो चुकी है। ATAGS, धनुष, क9 वज्र, पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर — सब स्वदेशी। 2025 में पहली बार भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।

DRDO ने 2025 में कमाल कर दिखाया है। अग्नि-6, ब्रह्मोस II, क्विक रिएक्शन मिसाइल, लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल — सब तैयार। भारत अब दुनिया का चौथा देश है जिसके पास एंटी-सैटेलाइट हथियार है।

ड्रोन और साइबर युद्ध में भारत विश्व में अग्रणी है। 2025 में भारतीय आर्मी के पास 1,000 से ज्यादा स्वदेशी ड्रोन हैं। तपस, आर्चर, पैंथर — सब मेड इन इंडिया।

रक्षा निर्यात में भी उछाल। 2014 में 2,000 करोड़ था, 2025 में 25,000 करोड़ से ज्यादा। ब्रह्मोस मिसाइल फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया को बेची जा रही है। अकाश मिसाइल सिस्टम आर्मेनिया को दिया गया।

महिला सशक्तिकरण सेना में भी। 2025 में पहली बार महिला फाइटर पायलट्स ने सुखोई-30 पर ऑपरेशनल उड़ान भरी। आर्मी में महिला अफसर अब कमांड पोस्ट पर हैं। अग्निवीर योजना में 20% महिला अग्निवीर हैं।

भारत अब सिर्फ अपनी रक्षा नहीं, हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा भी कर रहा है। क्वाड के तहत जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त अभ्यास रूटीन हो गए हैं।

2025 में भारत की रक्षा क्षमता इतनी मजबूत है कि चीन-पाकिस्तान भी अब बॉर्डर पर शांति बनाए रखने को मजबूर हैं। लद्दाख में 2020 की तरह कोई दुस्साहस नहीं कर पाया।

2047 तक भारत की सेना विश्व की सबसे आधुनिक और शक्तिशाली सेनाओं में होगी — यह अब तय है।

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